हजारीबाग(कटकमसांडी): समाजिक सुरक्षा पेंशन में आवेदन को लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी पूजा कुमारी के द्वारा राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत प्रखंड के सभी पंचायतों में पेंशन शिविर का आयोजन किया जाएगा। वहां ऑन द स्पॉट पेंशन योजनाओं से संबंधित समस्याओं के समाधान की व्यवस्था की गई है। जानकारी के अनुसार पेंशन के लाभार्थियों के बैंक खाता तथा आधार कार्ड नंबर युक्त नहीं रहने तथा अन्य कारणों के गड़बड़ी के निष्पादन के लिए बीडीओ द्वारा प्रखंड मुख्यालय में पंचायतों को खंडित कर बारी-बारी से प्रखंड के हर पंचायत में एक एक दिन का शिविर का आयोजन किया जाएगा। मौके पर लाभुक समाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत प्राप्त स्वीकृति पत्र, अद्यतन किया हुआ बैंक पासबुक की छाया प्रति और आधार कार्ड की छायाप्रति लाने को कहा गया है। इसके लिए शनिवार 26.7.2025 से इसकी शुरुआत की जाएगी पहली शिविर 26.7.2025 को पेलावल दक्षिणी पंचायत में लगाया जाएगा। इसी प्रकार 28.7.2025 को पेलावल उत्तरी पंचायत में आयोजित होगा। वहीं 29.7.2025 को रोमी पंचायत भवन में शिविर का आयोजन किया जाएगा। उसके बाद 30.7.2025 को गधोखर पंचायत में शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसी तरह 31.7.2025 को पबरा पंचायत, 01.8.2025 को खुटरा पंचायत, 02.8.2025 को लुपूंग पंचायत, 04.8.2025 को कंचनपुर पंचायत, 05.8.2025 को कण्डसार पंचायत, 06.8.2025 को बरगद्दा पंचायत, 07.8.2025 को डांड पंचायत, 08.8.2025 को बाझा पंचायत, 11.8.2025 को डांटो खुर्द पंचायत,12.8.2025 को रेबर पंचायत, 13.8.2025 को ढोटवा पंचायत, 14.8.2025 को आराभुसाई पंचायत, 18.8.2025 को शाहपुर पंचायत,और 19.8.2025 को कटकमसांडी पंचायत मे शिविर का आयोजन किया जाना है सभी शिविर सभी पंचायत के पंचायत भवन में होंगे।इसके लिए संबधित पंचायत के पंचायत सचिव, विकास मित्र, इंदिरा आवास सहायक, फोटोग्राफर को उपस्थित रहने को कहा गया है। बीडीओ ने कहा है कि सभी पंचायत के मुखिया शिविर में उपस्थित रहेंगे और कोशिश रहेगी की प्रत्येक शिविर के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाएं। प्रखंड विकास पदाधिकारी धिकारी द्वारा किए जा रहे हैं इस कार्य के लिए लोगों में काफी उत्साह है और लोग उनके कार्य की सहारना कर रहे हैं इससे पहले जनता की समस्या के लिए इस तरह का कार्य हमारे क्षेत्र में नहीं हुआ इस तरह के कार्य से लोगों का कहना है कि हम लोगों की परेशानी दूर होगी और ब्लॉक के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। अब देखना यह है कि लोगों को इस तरह के शिविर से कितना फायदा पहुंचता है।
Leave a comment