जिला खेल प्राधिकरण (DSA) के सचिव और कोषाध्यक्ष पर बैडमिंटन कोच यशराज गुप्ता द्वारा लगाए गए मानसिक उत्पीड़न और वेतन में मनमानी कटौती के आरोपों ने खेल विभाग को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने सचिव आशीष झा से जवाब-तलब करते हुए चार वित्तीय वर्षों का पूरा ब्योरा मांगा है।
चार साल का हिसाब मांगा
जिला खेल पदाधिकारी ने सचिव को नोटिस जारी कर अप्रैल 2021 से मार्च 2025 तक इंडोर स्टेडियम में हुए सभी खर्च, आय-व्यय, सरकारी-अनुदान, टिकट/किराया संग्रह और रखरखाव का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करने को कहा है। इसके अलावा इंडोर स्टेडियम में शाम 4 से 7 बजे तक निजी प्रशिक्षण की अनुमति पर भी स्पष्ट राय देने का निर्देश दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, केकेएन स्टेडियम का हिसाब भी मांगा गया है।
जनता दरबार तक पहुंचा मामला
कोच यशराज गुप्ता ने हाल ही में उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा के जनता दरबार में भी शिकायत दर्ज कराई। इस पर डीसी ने जिला खेल पदाधिकारी को इंडोर और केकेएन स्टेडियम से जुड़े सभी स्टेक होल्डर्स की बैठक बुलाने का आदेश दिया है। बैठक की तारीख तय नहीं हुई है, लेकिन इसमें डीसी, डीडीसी, एसडीओ, डीएसओ, डीएसए सचिव, व्यवसायी और खिलाड़ी शामिल होंगे।
गंभीर आरोप
कोच का कहना है कि सचिव और कोषाध्यक्ष ने उनके वेतन में कटौती करने के साथ-साथ केंद्र से होने वाली आय का भी मनमाने तरीके से इस्तेमाल किया। उन्होंने निजी प्रशिक्षण के लिए चार घंटे (शाम 4 से 7 बजे) का स्लॉट मांगा है और इसके बदले भुगतान करने पर भी सहमति जताई है। प्रशासन का मानना है कि स्टेडियमों के वित्तीय और संचालन से जुड़ी पारदर्शिता जरूरी है, ताकि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। यदि सचिव का जवाब संतोषजनक नहीं रहा, तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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