हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने समाजसेवी बाबर कुरैशी द्वारा सांसद मनीष जायसवाल के डेढ़ वर्ष के रिपोर्ट कार्ड और उनके कार्यकाल पर उठाए गए सवालों और लगाए गए आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
रंजन चौधरी ने कहा कि बाबर कुरैशी ने अपने वक्तव्य में हजारीबाग की जिन समस्याओं जैसे सड़क, पेयजल, बढ़ता अपराध, थानों और ब्लॉकों में व्याप्त भ्रष्टाचार का उल्लेख किया है, उन्हें यह समझना चाहिए कि ये सभी मामले सीधे तौर पर राज्य सरकार की प्रशासनिक विफलता को दर्शाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि
हजारीबाग की जनता भली-भाँति जानती है कि आपने जिन व्यवस्थाओं की बात की है, उनमें से अधिकांश मामले राज्य सरकार के क्षेत्राधिकार में आते हैं। विडंबना यह है कि बाबर कुरैशी जी उसी झामुमो के नेता रहें हैं जिनकी सरकार की विफलता के कारण आज हजारीबाग की जनता इन मूलभूत समस्याओं से जूझ रही है। झारखंड में वर्तमान समय में झामुमो, कांग्रेस और राजद की गठबंधन की सरकार है और बाबर कुरैशी खुद झामुमो के नेता रहें हैं ।
सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने हवाई अड्डे और रेल सुविधाओं के संबंध में भी भ्रम दूर करते हुए बताया कि हजारीबाग में हवाई अड्डे के लिए केंद्र सरकार ने सैद्धांतिक रूप से स्वीकृति दे रखी है, लेकिन राज्य सरकार की निष्क्रियता के कारण आज तक जमीन अधिग्रहण का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। लंबी दूरी की बेहतर रेल कनेक्टिविटी के लिए सांसद मनीष जायसवाल जी लगातार रेलवे बोर्ड और संबंधित मंत्री से संपर्क बनाए हुए हैं और इस दिशा में उनके प्रयास निरंतर जारी हैं, जल्द ही इसका सुखद परिणाम भी दिखेगा ।
रंजन चौधरी ने बाबर कुरैशी को सलाह दी कि वे विपक्ष की भूमिका को रचनात्मक ढंग से निभाएँ, न कि केवल दोषारोपण की ओछी राजनीति करें। उन्होंने यह भी कहा कि बाबर कुरैशी जी आपको यह देखना चाहिए कि आपकी पुरानी पार्टी की गठबंधन सरकार की उन स्पष्ट विफलताओं से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं जो उनके द्वार पर खड़ी हैं। बेहतर होता कि आप राज्य सरकार के विभागों में व्याप्त कमीशनखोरी और बिजली संकट जैसी समस्याओं पर अपनी आवाज उठाते, जो सीधे तौर पर आपके पुराने संबंध के दल की सरकार की प्रशासनिक पकड़ को दर्शाती है। रंजन चौधरी ने अंत में कहा कि सांसद मनीष जायसवाल जमीनी स्तर पर विकास कार्यों के लिए प्रतिबद्ध हैं और उनका रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने है। उन्होंने बाबर कुरैशी को सुझाव दिया कि वे तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने के बजाय, अपनी पुरानी और हितैषी दलों की विफलता बताने का कष्ट करें और सकारात्मक राजनीति को बढ़ावा दें।
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