पाकुड़ से जितेन्द्र यादव की रिपोर्ट
पाकुड़: पाकुड़ न्यायालय परिसर बुधवार को उस समय हड़कंप का केंद्र बन गया, जब हत्या के दो दोषी सजा सुनाए जाने से ठीक पहले पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। अदालत द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद यह घटना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
फरार दोषियों की पहचान नरेन महली और शिवधान महली के रूप में हुई है। दोनों वर्ष 2017 में अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र में हुई हत्या के मामले में एडीजे कोर्ट में विचाराधीन थे।
सजा से पहले भाग निकले दोषी
बुधवार को एडीजे न्यायालय ने इस बहुचर्चित हत्या कांड में शामिल सभी चार अभियुक्तों को दोषी करार दिया था। सजा की घोषणा से पहले जब सभी को पुलिस अभिरक्षा में भेजने की प्रक्रिया चल रही थी, उसी दौरान दो दोषी कोर्ट परिसर से फरार हो गए।
कोर्ट परिसर में मचा हड़कंप
दोषियों के फरार होने की सूचना मिलते ही न्यायालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस महकमे में खलबली मच गई और तुरंत जिला पुलिस द्वारा तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया।
एसपी का बयान
मामले को लेकर एसपी निधि द्विवेदी ने पुष्टि करते हुए कहा,
“दो कैदी न्यायालय परिसर से फरार हुए हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें गठित कर दी गई हैं और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।”
सवालों के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था
कोर्ट जैसी संवेदनशील जगह से दोषियों का फरार होना पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। अब यह जांच का विषय बन गया है कि आखिर लापरवाही कहां हुई और इसकी जिम्मेदारी किसकी है।
इलाके में अलर्ट
फरार दोषियों की गिरफ्तारी को लेकर सीमा क्षेत्रों में नाकाबंदी, संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी और तकनीकी निगरानी तेज कर दी गई है।
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