विस्थापन एवं पुनर्वास के मामले में राज्यपाल ने लिया संज्ञान मुख्य सचिव झारखंड सरकार को भेजा पत्र
जब तक विस्थापितों को उनका हक और अधिकार नहीं दिला देता तब तक लड़ता रहूंगा — विधायक रोशन लाल चौधरी
रिपोर्ट – सुमित कुमार पाठक पतरातु
बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी विस्थापित प्रभावित लोगों के लिए लगातार सड़क से लेकर सदन तक पुरजोर तरीके से आवाज उठाते आ रहे हैं। इसी का परिणाम है कि आज झारखंड सरकार ने विस्थापन आयोग का गठन किया। इसके बाद विधायक रोशन लाल चौधरी ने दोबारा विधानसभा में आवाज उठाया और कहा कि झारखंड राज्य में विस्थापन एवं पुनर्वास आयोग का गठन तो कर लिया गया है। परंतु इसे सुदृढ़ व वैधानिक एवं क्रियाशील बनाने के लिए कई और बदलाव करने की जरूरत है। फिर विधायक रोशन लाल चौधरी ने विस्थापितों के साथ मिलकर राज्यपाल से मिलकर कई प्रकार की सुझाव पत्र सोपा। जिसके आलोक में राज्यपाल ने संज्ञान लेते हुए राज्यपाल सचिवालय के संयुक्त सचिव अर्चना मेहता ने मुख्य सचिव झारखंड सरकार को पत्र लिखकर कहा है कि बड़कागांव विधायक का रोशन लाल चौधरी के द्वारा झारखंड राज्य विस्थापन एवं पुनर्वास आयोग गठन कार्य एवं दायित्व नियमावली 2025 को सुदृढ़ वैधानिक एवं क्रियाशील करने हेतु सुझाव दिया गया था। जिस पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई किया जाए और इसे जल्द से जल्द सुदृढ़ कर क्रियाशील बनाया जाए। इस संबंध में बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी ने कहा है कि यह एक प्रकार से बड़कागांव सहित संपूर्ण झारखंड के विस्थापित प्रभावित परिवारों की जीत हो रही है कि आज हमारे आवाज को राज्यपाल ने भी संज्ञान लेते हुए सरकार को जल्द से जल्द विस्थापन एवं पुनर्वास आयोग को सुदृढ़ करने के लिए पत्र लिखा है। आगे उन्होंने कहा कि मैं भी एक विस्थापित परिवार का बेटा हूं इसलिए विस्थापन का दर्द समझता हूं। मैं जानता हूं कि किस प्रकार से विस्थापितों को उनके घर जमीन गांव छोड़ने में दर्द होता है। इसलिए हमारा एक ही उद्देश्य है कि बड़कागांव विधानसभा सहित संपूर्ण झारखंड में विस्थापित परिवारों को उनका हक और अधिकार दिला नहीं देता तब तक सड़क से लेकर सदन तक लड़ाई लड़ता रहूंगा।
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