रिपोर्ट – सुमित कुमार पाठक पतरातु
आज नई दिल्ली में पूर्व मंत्री योगेंद्र साव एवं राष्ट्रीय सचिव सुश्री अंबा प्रसाद लोकसभा प्रतिपक्ष नेता श्री राहुल गांधी जी से मुलाकात की।
इस अवसर पर दोनों नेताओं ने उन्हें बड़कागाँव की पावन मिट्टी से उपजे शत-प्रतिशत शुद्ध गुड़ और अलसी (तीसी) भेंट की। यह उपहार मेहनतकश किसानों के पसीने और उनके जल-जंगल-जमीन की रक्षा के संकल्प का प्रतीक के रूप मे बताया —एक ऐसा संघर्ष जिसे पूर्व मंत्री योगेंद्र साव,और पूर्व विधायक अम्बा प्रसाद का परिवार वर्षों से मजबूती से लड़ता आया है।
मुलाकात के दौरान विस्थापितों को न्याय दिलाने के लिए उनके द्वारा किए गए प्रयासों पर विस्तृत चर्चा हुई। विशेष रूप से NTPC, Adani Group, Central Coalfields Limited (CCL) और Bharat Coking Coal Limited (BCCL) सहित झारखंड में कार्यरत बड़ी खनन कंपनियों द्वारा स्थानीय लोगों के साथ हो रहे अन्याय, दमन और अधिकारों की अनदेखी के मुद्दे को प्रमुखता से दोनों नेताओं ने उठाया ।
दोनों नेताओं ने स्पष्ट रूप से बात रखी कि जनता के लिए Right to Fair Compensation and Transparency in Land Acquisition, Rehabilitation and Resettlement Act (RFCTLARR Act 2013) का पूर्ण और अनिवार्य अनुपालन सुनिश्चित किया जाए, जिसे सभी स्थानों पर नजरअंदाज किया जा रहा है। इस पर राहुल गांधी जी ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक कानून कांग्रेस सरकार की देन है और पार्टी इस संघर्ष में पूरी मजबूती से साथ खड़ी है।

राष्ट्रीय सचिव अंबा प्रसाद और पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने ‘जन सुनवाई’ या ‘जन सभा’ के आयोजन का भी आग्रह किया, ताकि विस्थापित परिवारों की आवाज सीधे सुनी जा सके। राहुल गांधी जी ने भरोसा दिलाया कि वे व्यक्तिगत रूप से इस विषय को देखेंगे और आवश्यकता पड़ने पर झारखंड का दौरा कर विस्थापितों के बीच पहुँचेंगे।
दोनों नेताओं ने संकल्प लिया है कि न्याय की यह मशाल तब तक जलती रहेगी, जब तक हर विस्थापित को उसका सम्मान और अधिकार नहीं मिल जाता!

Leave a comment