
महाशिवरात्रि अर्थात् ज्योर्तिलिंग शिवबाबा का दिव्य अवतरण दिवस हैं- बीके रामदेव
रिपोर्ट – सुमित कुमार पाठक पतरातु
ब्रह्माकुमारीज सेवाकेंद्र,हिताची एटीएम के समीप ,शास्त्री चौक ,भुरकुंडा में शुक्रवार को महाशिवरात्रि पर्व पर 90 वीं त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव पर केक कटिंग कर ध्वजारोहन कर सभी ने संकल्प किया कि मन वचन कर्म से किसी को कभी दुख नहीं देंगे,सदा सबको सुख देंगे। काम,क्रोध, लोभ,मोह और अहंकार आदि मनोविकारों को मन से निकालकर पवित्रता,धैर्यता,नम्रता, गंभीरता,हर्षितमुखता, आदि गुणों को जीवन में धारण करेंगे। शिव एवं शंकर में अंतर झांकी का प्रदर्शन कर लोगों को शोभायात्रा द्वारा शिव बाबा का सत्य संदेश दिया गया। शोभायात्राब्रह्माकुमारीज सेवाकेंद्र शास्त्री चौक से बिरसा चौक से,सुंदर नगर होते हुए ग्लास फैक्ट्री,यूनिट 48 से होते हुए,मोकतमा चौक से होते हुए,बिरसा चौक से होते हुए सेवाकेंद्र पहुंचे।
डॉ एके सिंह ने कहा शिव बाबा हम सबके पिता है और उनका दिव्य जन्म साधारण मनुष्य तन प्रजापिता ब्रह्मा बाबा के तन द्वारा राजयोग की शिक्षा से हम सभी मनुष्य आत्माओं को श्रेष्ठ पवित्र बना रहे हैं और पवित्र दुनिया सतयुग में ले जाने के लिए सहज राजयोग की पढ़ाई पढ़ रहे हैं हम सभी को उनसे राजयोग की पढ़ाई पढ़ कर और जीवन में ध्यान करना चाहिए, ध्यान से मन में शांति आती है।
राजयोगी बीके रामदेव ने संबोधित करते हुए कहा की महाशिवरात्रि पर्व अर्थात निराकार ज्योतिर्लिंगम शिव परमात्मा का दिव्य जन्म दिवस है । पिछले 90 वर्षों से परमात्मा पिता गुप्त रूप से सतयुगी सृष्टि का स्थापना का कार्य कर रहे हैं,अब 10 वर्ष शेष महा परिवर्तन का समय बचा है। शिव परमात्मा का दिव्य जन्म मनुष्यों की तरह साधारण नहीं होता है , उनका जन्म दिव्य और अलौकिक होता है। प्रजापिता ब्रह्मा में ,पर काया प्रवेश कर सत्य गीता ज्ञान सुनते हैं और स्वर्णिम सृष्टि रचते हैं।इस दिव्य जन्म रहस्यों को हरेक मनुष्यों को अवश्य समझना चाहिए । शिव परमात्मा कहते हैं यदा यदा ही धर्मस्य …के वचनानुसार भारत में परमात्मा अपने गीता के वायदे अनुसार सृष्टि पर अवतरित हो चुके हैं और युग परिवर्तन का कार्य कर रहे हैं ।समस्त मानव जाति को राजयोग के शिक्षा देकर मानव से देव बना रहे हैं। कलयुग का अंत समय से हम सभी गुजर रहे हैं। महा परिवर्तन अर्थात महाविनाश का संकेत चारों तरफ हम देख सकते हैं अभी नहीं तो कभी नहीं। जन्मो जन्म का भाग्य बनाने का समय अभी चल रहा है। परमात्मा जन्मो जन्म का भाग्य बांट रहे हैं हमें उसे प्राप्त करना चाहिए।
भुरकुंडा सेवाकेंद्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी रोशनी बहन ने शोभायात्रा में नारा द्वारा संदेश में कहीं कि इस शिवरात्रि पर नशे से रहो दूर ,शिव भोलेनाथ कर देंगे सुख शांति से भरपूर। जागो जागो समय पहचानो भारत में शिव भगवान आए हैं। पांच विकार, नरक का द्वार। जब छोड़ेंगे पांच विकार, तभी मिटेगा भ्रष्टाचार। ब्रह्माकुमारियों का ये पैगाम ,स्वर्णिम भारत का हो नवनिर्माण।
आगे उन्होंने कहा कि हम शिव बाबा की पूजा- पाठ , आराधना दिल से करते हैं लेकिन शिव पर हम अक,धतूरा गंजा, भांग ..आदि चढ़ाते हैं परंतु शिव पर अपने मन में बैठे हुए काम क्रोध लोभ मोह अहंकार रूपी के, धतूरा, गांजा, भांग चढ़ाना चाहिए तभी हम भोलेनाथ बाबा से सच्ची शांति की प्राप्ति कर सकते हैं वह सहज राजयोग की शिक्षा अपने नजदीकी शाखा में निःशुल्क प्राप्त कर सकते हैं।
ब्रह्माकुमारी रीना बहन ने कहा कि निराकार ज्योति बिंदु शिव बाबा ज्ञान के सागर हैं,शांति के सागर है, सुख के सागर हैं ,शक्ति के सागर हैं, आनंद के सागर है, प्रेम के सागर हैं ,पवित्रता के सागर हैं ,शक्ति के सागर हैं ।बाबा सर्वगुणों के सागर हैं बाबा सर्वशक्तिमान है ,बाबा त्रिकालदर्शी हैं और त्रिनेत्री भी है। हमें ज्ञान का तीसरा नेत्र भी देते हैं।
Leave a comment