लौहनगरी जमशेदपुर 26 फरवरी को एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अवसर का साक्षी बनेगा, जब भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू श्री जगन्नाथ आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक चैरिटेबल केंद्र के भूमि पूजन और शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होंगी। इस कार्यक्रम में राज्य और केंद्र सरकार के शीर्ष नेतृत्व के साथ-साथ औद्योगिक जगत की प्रमुख हस्तियां भी उपस्थित रहेंगी।
कार्यक्रम में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, धर्मेंद्र प्रधान, जोबा मांझी, विद्युत बरन महतो, सरयू राय और पूर्णिमा साहू मुख्य मंच पर उपस्थित रहेंगे। साथ ही टीवी नरेंद्रन (मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक, टाटा स्टील) भी इस कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। कार्यक्रम की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला प्रशासन ने आयोजन स्थल पर मॉक ड्रिल और ड्राई रन का सफलतापूर्वक संचालन किया। उपायुक्त के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था और प्रोटोकॉल की विस्तृत समीक्षा की। ट्रस्ट के प्रबंध न्यासी एसके बेहेरा और अन्य सदस्य भी तैयारियों के समन्वय के लिए उपस्थित रहे।
निर्धारित समय-सारिणी
आगमन: राष्ट्रपति दोपहर 12:20 बजे कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगी।
भूमि पूजन: उनके कर-कमलों द्वारा मुख्य अनुष्ठान संपन्न होगा।
प्रस्थान: दोपहर 1:20 बजे प्रस्थान प्रस्तावित है।
विशेष व्यवस्था: कार्यक्रम के उपरांत श्रद्धालुओं के लिए भव्य भोग (प्रसाद) की व्यवस्था की गई है।
ट्रस्ट की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से यह केंद्र विकसित किया जाएगा। कुल 2.5 एकड़ भूमि में प्रस्तावित इस परियोजना में 1.5 एकड़ क्षेत्र में 90 फीट ऊंचा मंदिर बनाया जाएगा, जो Jagannath Temple की भव्य प्रतिकृति के रूप में तैयार होगा। आध्यात्मिक केंद्र को दो वर्षों में और मुख्य मंदिर को चार वर्षों में पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। केंद्र में युवाओं के लिए 15 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण, योग और व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे, जिससे नैतिक मूल्यों के संवर्धन पर विशेष बल दिया जाएगा। ट्रस्ट के अनुसार यह केंद्र झारखंड में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा। आयोजकों का कहना है कि यह परियोजना युवाओं के चारित्रिक उत्थान और क्षेत्रीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
Leave a comment