राज्यसभा चुनाव में भाजपा ने यू टर्न लेते हुए अपना प्रत्याशी नहीं देने का फैसला किया है। भाजपा ने अब निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी का समर्थन करने का फैसला किया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष प्रो आदित्य साहु ने जदयू, लोजपा, आजसू के अलावा भाजपा के लगभग एक दर्जन विधायकों को परिमल नाथवानी का प्रस्तावक बनने का निर्देश दिया है। नाथवानी भाजपा के समर्थन से 8 जून को अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। नाथवानी रात 8.30 बजे तक दिल्ली से रांची पहुंचेंगे। मालूम हो कि नाथवानी कल मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद रात में ही दिल्ली रवाना हो गए थे। वह दिल्ली तब रवाना हुए जब उन्हें मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि उनकी पार्टी उनका प्रस्तावक नहीं बनेगी। दिल्ली में दिन भर रह कर नाथवानी ने गोटी सेट किया और भाजपा का समर्थन हासिल करने में सफल हुए। झामुमो नहीं चाहता था कि परिमल नाथवानी का प्रस्तावक बन कर वह कांग्रेस से प्रत्यक्ष रूप से अपना विरोधी छवि प्रदर्शित करे।
कांग्रेस की चुनौती बढ़ी
नाथवानी के निर्दलीय प्रत्याशी बनने के बाद अब कांग्रेस की चुनौती सबसे अधिक बढ़ गयी है। 18 जून को मतदान के बाद कांग्रेस के लिए यह साबित करना कठिन चुनौती है कि उनके सभी 16 विधायक भी एकजुट रहे। कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को सभी 16 विधायकों ने मतदान किया। अगर ऐसा नहीं हुआ तो कांग्रेस की स्थिति और कमजोर होगी और आने वाले दिनों में इसका राज्य सरकार की सेहत पर भी दिखना अवश्यंभावी हो जाएगा।
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