झारखंड में मॉनसून की रफ्तार फिलहाल सुस्त पड़ गई है, जिससे किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रशांत महासागर में अलनीनो की स्थिति उभरने के संकेत मिल रहे हैं, जिसका असर मॉनसून की सक्रियता पर पड़ सकता है।
राज्य के कई जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। हालांकि मौसम विभाग ने 16 और 17 जून को झारखंड के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक, वज्रपात और हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश की संभावना जताई है। कुछ इलाकों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े नहीं होने की सलाह दी है। किसानों को भी मौसम की ताजा जानकारी के आधार पर कृषि कार्य करने की अपील की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अलनीनो प्रभाव मजबूत होता है तो आने वाले दिनों में मॉनसून की प्रगति प्रभावित हो सकती है, हालांकि फिलहाल स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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