रांची। झारखंड में राशन वितरण प्रणाली को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य में करीब 8 लाख राशन कार्ड रद्द किए जाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। जांच में अपात्र या फर्जी पाए जाने वाले लाभुकों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, राशन कार्डों के सत्यापन के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें लाभुक पात्रता की शर्तों को पूरा नहीं करते हैं या गलत जानकारी देकर योजना का लाभ ले रहे हैं। ऐसे कार्डधारकों की पहचान कर सूची से हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा, फर्जी तरीके से राशन प्राप्त करने वाले लाभुकों से बाजार दर के अनुसार खाद्यान्न की राशि वसूलने की तैयारी की जा रही है। संबंधित अधिकारियों को सत्यापन कार्य में तेजी लाने और पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
सरकार का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य जरूरतमंद और पात्र परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। अपात्र लोगों के नाम हटने से वास्तविक लाभुकों को अधिक प्रभावी ढंग से खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा सकेगा।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे अपने राशन कार्ड से संबंधित जानकारी सही रखें और सत्यापन प्रक्रिया में सहयोग करें।
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