रांची। झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विधायक निर्मल महतो ने विधानसभा परिसर के बाहर प्रदर्शन कर राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने 14वीं JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की CBI जांच कराने और JSSC CGL परीक्षा को रद्द करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान निर्मल महतो ने कहा कि राज्य के लाखों युवा भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता की उम्मीद रखते हैं, लेकिन लगातार सामने आ रहे विवादों ने युवाओं का भरोसा तोड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि JPSC और JSSC की भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
विधायक ने कहा कि 14वीं JPSC परीक्षा से जुड़े मामले में केवल विभागीय जांच पर्याप्त नहीं है। पूरे प्रकरण की CBI से जांच कराई जानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। वहीं, JSSC CGL परीक्षा को लेकर भी उन्होंने व्यापक अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए इसे रद्द कर नए सिरे से परीक्षा कराने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान उनके समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने भी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि छात्र लंबे समय से सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही है।
निर्मल महतो ने चेतावनी दी कि यदि युवाओं की मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज होगा। उन्होंने कहा कि यह केवल छात्रों का नहीं, बल्कि झारखंड के भविष्य का सवाल है।
विधानसभा के मानसून सत्र में JPSC-JSSC का मुद्दा प्रमुखता से उठने के आसार हैं। विपक्षी दल लगातार सरकार पर भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और युवाओं को न्याय दिलाने का दबाव बना रहे हैं।
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