रांची। झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर सियासत तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मामले की CBI जांच कराने की मांग दोहराते हुए कहा है कि जांच झारखंड हाईकोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए, ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जा सके।
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि JPSC और JSSC से जुड़े मामलों ने राज्य के लाखों युवाओं का भरोसा तोड़ा है। लगातार सामने आ रहे आरोप और CID की कार्रवाई यह संकेत देते हैं कि भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। ऐसे में सच्चाई सामने लाने के लिए स्वतंत्र एजेंसी से जांच आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि केवल विभागीय या सीमित दायरे की जांच से युवाओं का विश्वास बहाल नहीं होगा। इसलिए पूरे प्रकरण की जांच CBI को सौंपी जानी चाहिए और इसकी निगरानी हाईकोर्ट करे, ताकि किसी भी स्तर पर जांच प्रभावित न हो सके।
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार भर्ती परीक्षाओं में हुए कथित घोटालों को लेकर स्पष्ट जवाब देने से बच रही है। उन्होंने कहा कि हजारों छात्र और अभ्यर्थी लंबे समय से न्याय की मांग कर रहे हैं और सरकार को उनकी आवाज सुननी चाहिए।
बाबूलाल मरांडी ने आंदोलनरत छात्रों का समर्थन करते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मामले में सरकार को गंभीरता दिखानी चाहिए। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और भर्ती प्रक्रियाओं में व्यापक सुधार की भी मांग की।
गौरतलब है कि 14वीं JPSC परीक्षा और JSSC CGL परीक्षा को लेकर राज्यभर में छात्र आंदोलन जारी है। वहीं, CID की जांच में लगातार गिरफ्तारियां हो रही हैं, जिससे मामला और अधिक राजनीतिक तथा संवेदनशील बन गया है।
अब देखना होगा कि सरकार विपक्ष की मांगों पर क्या रुख अपनाती है और जांच एजेंसियों की कार्रवाई आगे किस दिशा में बढ़ती है।
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