
पेशरार एवं कैरो में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजने का निर्देश
लोहरदगा से सद्दाम खान की रिपोर्ट
उपायुक्त संदीप कुमार मीना की अध्यक्षता में आज स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, मलेरिया, फाइलेरिया, कुष्ठ रोग, आयुष्मान भारत सहित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में सर्वप्रथम जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने पेशरार एवं कैरो प्रखंड में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) स्थापित करने हेतु प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजने का निर्देश दिया। वहीं पेशरार प्रखंड में नवनिर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को शीघ्र हैंडओवर कराने का निर्देश जिला अभियंता को दिया गया।
स्वास्थ्य केंद्रों में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने का निर्देश
जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में पेयजल, विद्युत, शौचालय समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने जहां विद्युत कनेक्शन लंबित है, वहां कार्यपालक अभियंता, विद्युत प्रमंडल से समन्वय स्थापित कर कनेक्शन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध रखने को कहा।
मातृत्व स्वास्थ्य की नियमित मॉनिटरिंग
मातृत्व स्वास्थ्य की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने निर्देश दिया कि पंजीकृत सभी गर्भवती महिलाओं की कम-से-कम चार या उससे अधिक बार हीमोग्लोबिन जांच सुनिश्चित की जाए। सभी MOIC को अपने-अपने स्वास्थ्य संबंधी इंडिकेटर्स की जानकारी रखने तथा प्रत्येक सप्ताह समीक्षा करने का निर्देश दिया गया।
उन्होंने CHO एवं ANM के कार्यों की भी नियमित समीक्षा करने तथा सभी निर्धारित स्वास्थ्य जांचों को शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने पर जोर
उपायुक्त ने कहा कि प्रसव पूर्व जांच (ANC) के अंतर्गत पंजीकृत प्रत्येक गर्भवती महिला की प्रसव तक नियमित मॉनिटरिंग की जाए। लोहरदगा जिले में ANC पंजीकरण के बावजूद निजी अस्पतालों अथवा अन्य जिलों में प्रसव कराने वाली महिलाओं का भी आंकड़ा संधारित करने का निर्देश दिया गया।
उन्होंने सभी MOIC को अपने प्रखंड के संस्थागत प्रसव से संबंधित आंकड़ों की पूरी जानकारी रखने का निर्देश दिया। निजी अस्पतालों में होने वाले प्रसव की संख्या का भी आंकड़ा संग्रहित करने को कहा गया। साथ ही सदर अस्पताल में प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं एवं रेफर किए गए मामलों की भी नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने स्वास्थ्य उपकेंद्रों में डिलीवरी पॉइंट की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा L1 डिलीवरी पॉइंट से संबंधित गैप को कम करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि निर्धारित डिलीवरी पॉइंट पर ही मानक के अनुरूप प्रसव सुनिश्चित कराया जाए। आवश्यकता होने पर ANM को प्रशिक्षण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। उन्होंने अगली समीक्षा बैठक तक डिलीवरी पॉइंट से संबंधित गैप को समाप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया।
जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम की समीक्षा
जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को मानक के अनुरूप निःशुल्क भोजन, दवाइयां एवं आवश्यक जांच की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
शिशु स्वास्थ्य के तहत प्रसव के बाद बच्चों का पेंटा-1 एवं पेंटा-3 टीकाकरण शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही MR कवरेज एवं पूर्ण टीकाकरण के निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने का निर्देश दिया गया। लंबित लाभार्थियों की सूची प्राप्त कर टीकाकरण का लक्ष्य पूरा करने को कहा गया।
उपायुक्त ने सिविल सर्जन को सभी MOIC के साथ साप्ताहिक बैठक कर स्वास्थ्य संबंधी इंडिकेटर्स में सुधार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
RI कवरेज एवं SNCU की समीक्षा
बैठक में विभिन्न स्वास्थ्य उपकेंद्रों में नियमित टीकाकरण (RI) कवरेज की स्थिति की समीक्षा की गई। खराब प्रदर्शन करने वाले HSC की स्थिति पर उपायुक्त ने नाराजगी व्यक्त करते हुए सुधार के निर्देश दिए।
वहीं SNCU की रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए भर्ती किए गए बच्चों, डिस्चार्ज, LAMA, रेफरल एवं सफलतापूर्वक उपचारित बच्चों समेत विभिन्न इंडिकेटर्स की जानकारी ली गई।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्क्रीनिंग बढ़ाने का निर्देश
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की स्क्रीनिंग की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया। उन्होंने विशेष रूप से कक्षा 9वीं एवं 10वीं के बच्चों की आंखों की जांच कराने का निर्देश दिया, ताकि दृष्टि संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान एवं उपचार सुनिश्चित किया जा सके।
MTC में सभी बेड का उपयोग सुनिश्चित करें
बैठक में MTC केंद्रों की भी समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने उपलब्ध सभी बेड का पूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने तथा SAM बच्चों की पहचान के लिए ANM एवं सेविका को टीम के रूप में कार्य करने का निर्देश दिया।
कुष्ठ, मलेरिया एवं फाइलेरिया उन्मूलन पर विशेष जोर
कुष्ठ रोगियों की पहचान के लिए ANM को लक्ष्य निर्धारित कर उपलब्धि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। वहीं मलेरिया की जांच में तेजी लाने के लिए अधिक से अधिक सैंपल की जांच कराने को कहा गया।
मलेरिया के लार्वा को पनपने से रोकने के लिए नियमित रूप से छिड़काव कराने का निर्देश देते हुए उपायुक्त ने कहा कि जिन क्षेत्रों में मलेरिया के मरीजों की संख्या अधिक है, वहां मेडिकेटेड मच्छरदानियों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए।
फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत चिन्हित हाइड्रोसिल के मरीजों की सर्जरी सुनिश्चित कराने का भी निर्देश दिया गया।
आयुष्मान कार्ड बनाने में तेजी लाने का निर्देश
उपायुक्त ने आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत अब तक छूटे हुए पात्र लाभुकों के आयुष्मान कार्ड बनाने में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पात्र लाभुकों को योजना का लाभ दिलाने के लिए शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में उप विकास आयुक्त राज महेश्वरम, पीडी आइटीडीए सुषमा नीलम सोरेंग, अपर समाहर्ता जितेंद्र मुंडा, सिविल सर्जन, सभी प्रखंडों के MOIC, संबंधित स्वास्थ्य पदाधिकारी एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
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