रांची। JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर जारी विवाद के बीच परीक्षा रद्द किए जाने को देवेंद्रनाथ महतो ने छात्रों की ऐतिहासिक जीत बताया है। उन्होंने कहा कि छात्रों के लंबे संघर्ष के बाद यह महत्वपूर्ण सफलता मिली है, लेकिन अब व्यवस्था में सुधार की दूसरी लड़ाई शुरू होगी।
देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि छात्रों ने लगातार अपनी मांगों को लेकर आंदोलन किया और दबाव बनाया। उन्होंने इसे युवाओं की एकजुटता और संघर्ष का परिणाम बताया। उनके अनुसार, परीक्षा रद्द होना केवल एक कदम है, जबकि भर्ती व्यवस्था को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना अगली बड़ी चुनौती है।
उन्होंने कहा कि अब सरकार और संबंधित परीक्षा एजेंसियों को ऐसी व्यवस्था तैयार करनी होगी, जिसमें प्रश्नपत्र लीक, कदाचार और अन्य अनियमितताओं की गुंजाइश न रहे। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।
देवेंद्रनाथ महतो ने आंदोलन में शामिल छात्रों और युवाओं का आभार जताते हुए कहा कि उनकी एकजुटता ने सरकार को छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने के लिए मजबूर किया। उन्होंने आगे भी लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखने की बात कही।
उन्होंने कहा कि युवाओं का भविष्य किसी भी तरह की लापरवाही का शिकार नहीं होना चाहिए। परीक्षा प्रक्रिया से लेकर परिणाम और नियुक्ति तक हर चरण में पारदर्शिता जरूरी है।
गौरतलब है कि JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे थे। इस दौरान परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर लगातार सवाल उठाए गए और जांच व सुधार की मांग की गई।
देवेंद्रनाथ महतो ने स्पष्ट किया कि परीक्षा रद्द होने के बाद आंदोलन खत्म नहीं हुआ है। अब व्यवस्था सुधार, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और छात्रों के हितों की सुरक्षा को लेकर आगे की लड़ाई लड़ी जाएगी।
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