लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मोटर व्हीकल नियमावली 2026 लागू कर दी गई है। नई व्यवस्था के तहत 12 साल पुराने कमर्शियल वाहनों के संचालन को लेकर नियमों में बदलाव किया गया है। इसका असर टैक्सी और कैब सेवाओं से जुड़े वाहनों पर भी पड़ सकता है।
नई नियमावली के तहत पुराने व्यावसायिक वाहनों के परमिट और संचालन से जुड़े प्रावधानों में बदलाव किया गया है। इसमें ऐप आधारित कैब सेवाओं से जुड़े वाहनों के लिए भी नियम निर्धारित किए गए हैं।
सरकार की ओर से नियमों में बदलाव का उद्देश्य व्यावसायिक वाहनों की सुरक्षा, फिटनेस और संचालन व्यवस्था को बेहतर बनाना बताया गया है। पुराने वाहनों की स्थिति और फिटनेस को लेकर परिवहन विभाग की ओर से जांच और आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।
Ola और Uber जैसी ऐप आधारित कैब सेवाओं से जुड़े वाहन मालिकों को नए नियमों के अनुसार अपने वाहनों की वैधता, परमिट और फिटनेस से संबंधित प्रावधानों का पालन करना होगा।
नई व्यवस्था के बाद परिवहन विभाग पुराने कमर्शियल वाहनों के दस्तावेजों और फिटनेस की जांच कर सकता है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित वाहन के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
वाहन चालकों और मालिकों को सलाह दी गई है कि वे अपने वाहन से जुड़े परमिट, फिटनेस प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी दस्तावेजों की स्थिति की जांच कर लें।
नई मोटर व्हीकल नियमावली लागू होने के बाद अब कमर्शियल वाहन संचालकों को बदले हुए प्रावधानों के अनुसार वाहन संचालन करना होगा। इससे पुराने वाहनों के संचालन को लेकर स्थिति धीरे-धीरे स्पष्ट होगी।
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