रांची। JPSC भर्ती प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर गंभीर दावा सामने आया है। मामले से जुड़े एक पक्ष की ओर से करीब 400 नियुक्तियों को फर्जी बताए जाने और अभ्यर्थियों से 15 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली किए जाने की जानकारी सामने आने का दावा किया गया है।
बताया जा रहा है कि नियुक्तियों और कथित वसूली से जुड़े आरोपों की जांच में कई महत्वपूर्ण बिंदु सामने आने की बात कही जा रही है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
जांच एजेंसियां परीक्षा प्रक्रिया, अभ्यर्थियों के चयन और कथित लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों को खंगाल सकती हैं। यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि यदि नियुक्तियों में गड़बड़ी हुई है तो इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और पूरी प्रक्रिया किस तरह संचालित हुई।
मामला सामने आने के बाद JPSC भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल और गंभीर हो गए हैं। अभ्यर्थियों और छात्र संगठनों की ओर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।
कथित 15 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली के दावे को लेकर भी जांच महत्वपूर्ण होगी। एजेंसियां बैंक खातों, डिजिटल लेन-देन और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर सकती हैं।
फिलहाल 400 फर्जी नियुक्तियों और 15 करोड़ रुपये से अधिक की कथित वसूली का दावा जांच का विषय है। आधिकारिक जांच और दस्तावेज सामने आने के बाद ही इन आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
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