पीपीके कॉलेज की 7/3 कंपनी पर बंद होने का खतरा, रक्षा राज्य मंत्री से मिले कैडेट्स
- हेमन्त अहीर
बुंडू (रांची)। पीपीके कॉलेज, बुंडू की 7/3 एनसीसी कंपनी पिछले छह माह से निलंबित है। अब यूनिट के स्थायी रूप से बंद होने की आशंका से कैडेट्स और पूर्व छात्रों में चिंता है। बहाली की मांग को लेकर कैडेट्स ने केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री सह रांची सांसद संजय सेठ से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
कैडेट्स के अनुसार, 3 झारखंड बटालियन एनसीसी, रांची की ओर से कॉलेज को दो नोटिस दिए गए हैं। इनमें यूनिट के निलंबन की मुख्य वजह 17 वर्षों से एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर (एएनओ) की अनुपलब्धता बताई गई है। एएनओ के लिए जरूरी पीआरसीएन प्रशिक्षण नहीं होने के कारण यूनिट का संचालन प्रभावित हुआ और कैडेट्स की नियमित परेड व प्रशिक्षण पर भी असर पड़ा।
निलंबन के बावजूद उपलब्धि:
हाल ही में आयोजित सीएटीसी-22 कैंप में कॉलेज के कैडेट्स ने फायरिंग में स्वर्ण पदक और पायलटिंग में रजत पदक जीता। कैडेट्स का कहना है कि संसाधनों और नियमित प्रशिक्षण की चुनौती के बावजूद उन्होंने कॉलेज का नाम रोशन किया।
प्राचार्या ने भी किए प्रयास:
कॉलेज की प्राचार्या डॉ. विनिता कुमारी ने यूनिट की बहाली के लिए 3 झारखंड बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर से करीब पांच बार मुलाकात की। एनसीसी ग्रुप कार्यालय में ग्रुप कमांडर से भी बात की गई। कॉलेज ने नवनियुक्त सीटीओ कल्याण रॉय के एएनओ प्रशिक्षण के लिए जरूरी दस्तावेज जमा कर दिए हैं, लेकिन निलंबन अब तक खत्म नहीं हुआ है।
ग्रामीण छात्रों पर असर की चिंता:
पीपीके कॉलेज में पांच परगना क्षेत्र के सुदूरवर्ती गांवों से भी छात्र पढ़ने के लिए आते हैं। कैडेट्स के अनुसार, एनसीसी इन विद्यार्थियों को सेना और सशस्त्र बलों में करियर के लिए अवसर देता है। यूनिट बंद होने से नए सत्र में एनसीसी के नए नामांकन पर भी असर पड़ सकता है।
कैडेट्स ने रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ से एनसीसी अधिकारियों से बात कर मामले की समीक्षा कराने और यूनिट की जल्द बहाली कराने की मांग की है।
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