रिपोर्ट -सुमित कुमार पाठक पतरातु
दुर्गा पूजा अब सामने है। बाजार सज चुके हैं, लेकिन रेलवे कॉलोनी में हर साल जैसी रौनक नहीं है। कारण एक ही है – इस बार अभी तक बोनस की कोई चर्चा तक नहीं हुई है।
हर साल रेलवे कर्मचारियों के लिए यह बोनस सिर्फ पैसा नहीं होता। यह उनके बच्चों के नए कपड़े, जूते, पत्नी के लिए साड़ी और पूरे परिवार की पूजा की खुशी होती है। रेल कर्मचारी साल भर इंतजार करता है कि बोनस आएगा तो बच्चों को नया कपड़ा दिलाएंगे। इस पैसे से ही बाजार में खरीदारी होती है।
लेकिन इस बार अक्टूबर आ गया, पूजा सिर पर है और रेल प्रशासन की ओर से बोनस पर कोई घोषणा नहीं। इससे हजारों रेल परिवारों में चिंता है। दुकानदार भी इंतजार में हैं कि बोनस आएगा तो बिक्री बढ़ेगी।
रेलवे देश की सबसे बड़ी नौकरी देने वाली संस्था है। अगर समय पर बोनस नहीं मिला तो न सिर्फ कर्मचारी, बल्कि पूरा बाजार ठप हो जाएगा।
हम सभी रेल परिवार, भारत सरकार और रेलवे बोर्ड से मांग करते हैं कि अविलंब दुर्गा पूजा बोनस की घोषणा की जाए, ताकि हर रेल परिवार के बच्चे भी खुशी से पूजा मना सके.
Leave a comment