पतरातू – सुमित कुमार पाठक
राष्ट्रीय स्वयंसेवक पतरातू नगर के द्वारा संचालन एवं विजयदशमी चिल्ड्रन पार्क कटिया पंचमंदिर पीटीपीएस में मनाया गया कार्यक्रम की अध्यक्षता पतरातू नगर संघचालक सरजू राम एवं संचालन विकास कुमार के द्वारा किया गया ।सर्वप्रथम राष्ट्रीय स्वयंसेवक के स्वयंसेवको के द्वारा संचलन कटिया पंच मंदिर चिल्ड्रन पार्क से शहीद निर्मल महतो स्मारक होते हुए कोतो पीटीपीएस कॉलेज न्यू मार्केट कटिया चौक श्रम कल्याण पांच मंदिर होते हुए चिल्ड्रन पार्क पहुंचा तथा रास्ते में संचलन के समय लोगों के द्वारा स्वयं सेवको पर पुष्प से स्वागत किया गया उसके बाद मुख्य अतिथि एवं बौद्धिककर्ता प्रोफेसर शशांक कुलकर्णी एवं नगर संघचालक सरजू राम के द्वारा भारत माता पूज्य केशव बलिराम हेडगेवार पूज्य गुरुजी के चित्र पर पुष्प अर्पित के साथ शस्त्र पूजा भी किया गया उसके बाद बौद्धिककर्ता प्रोफेसर शशांक कुलकर्णी के द्वारा कहा गया कि आज का दिन हमें राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, सेवा, संस्कार और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों की याद दिलाता है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की यात्रा
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की स्थापना 27 सितंबर 1925 को विजयादशमी के दिन डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जी ने नागपुर में की थी।
वर्ष 2025 में संघ ने अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे किए। वर्ष 2025 से 2026 का समय संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों से जुड़ा है।
संघ की स्थापना का उद्देश्य समाज को संगठित करना, नागरिकों में अनुशासन और चरित्र निर्माण की भावना विकसित करना तथा राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध को बढ़ावा देना रहा है।
इन 100 वर्षों की यात्रा में संघ ने शाखाओं, स्वयंसेवकों और विभिन्न सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से अपनी पहचान बनाई है। संघ से जुड़े संगठनों ने शिक्षा, सेवा, सामाजिक कार्य और अन्य क्षेत्रों में भी गतिविधियाँ संचालित की हैं।
विजयादशमी का धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व
विजयादशमी का पर्व हमें सत्य की विजय और अधर्म पर धर्म की जीत का संदेश देता है।
मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्रीराम ने रावण पर विजय प्राप्त की थी। यह पर्व हमें सिखाता है कि जीवन में कितनी भी कठिनाइयाँ आएँ, हमें सत्य, धर्म और न्याय के मार्ग पर चलना चाहिए।
विजयादशमी हमें यह भी प्रेरणा देती है कि हम अपने भीतर की बुराइयों, जैसे अहंकार, क्रोध, ईर्ष्या और भेदभाव को दूर करें तथा समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत बनाएँ।
राष्ट्र निर्माण में हमारी भूमिका
साथियों!
राष्ट्र का निर्माण केवल सरकारों के प्रयासों से नहीं होता, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक नागरिक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
यदि हम अपने गाँव को स्वच्छ रखें, गरीब और जरूरतमंद लोगों की सहायता करें, बच्चों की शिक्षा पर ध्यान दें, महिलाओं का सम्मान करें और समाज में आपसी भाईचारा बनाए रखें, तो हम राष्ट्र निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
हमारा संकल्प होना चाहिए कि हम जाति, भाषा और क्षेत्र के भेदभाव से ऊपर उठकर समाज के कल्याण के लिए काम करें।
राष्ट्र की प्रगति तभी संभव है, जब हमारा समाज शिक्षित, संगठित, जागरूक और जिम्मेदार बने।
युवाओं के लिए संदेश
आज के युवा देश का भविष्य हैं। युवाओं को शिक्षा, संस्कार, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।
युवा अपनी ऊर्जा का उपयोग समाज सेवा, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति, शिक्षा और जरूरतमंदों की सहायता जैसे कार्यों में करें।
आइए, हम सब मिलकर ऐसा समाज बनाने का प्रयास करें, जहाँ हर व्यक्ति को सम्मान मिले, हर बच्चे को शिक्षा मिले और प्रत्येक परिवार को विकास के अवसर प्राप्त हों।
समापन संदेश
अंत में मैं यही कहना चाहूँगा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शताब्दी वर्ष हमें 100 वर्षों की यात्रा पर विचार करने के साथ-साथ भविष्य के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने का अवसर भी देता है।
विजयादशमी का पावन पर्व हमें सत्य, साहस, सदाचार और कर्तव्यनिष्ठा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
आइए, हम सभी संकल्प लें कि अपने गाँव, पंचायत, प्रखंड, जिला और पूरे देश के विकास में अपनी जिम्मेदारी निभाएँगे तथा समाज में शांति, सद्भाव और एकता बनाए रखने का प्रयास करेंगे।
हमारा संकल्प हो—सेवा, संस्कार और समाज का कल्याण। कार्यक्रम में मुख्य रूप से पूर्व क्षेत्रीय संचालक सिद्धनाथ सिंह ,संजीत सिंह धनंजय सिंह ,उमाशंकर अग्रवाल ,निर्मल जैन ,मुखिया किशोर कुमार महतो ,सनी कुशवाहा ,रवि कुमार, राजू कुमार, सुनील कुमार महतो, बॉबी दत्त ,नेपूल सिंह ,चंदन कुमार, डॉ संजय सिंह, नवीन सिंह ,महावीर अग्रवाल ,राज किशोर सिंह ,अमित कुमार सिंह आदि मौजूद थे।
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