मारांग बुरू महासम्मेलन में आदिवासी संस्कृति, परंपरा और पहचान के संरक्षण का आह्वान किया गया। इस अवसर पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आदिवासी समाज के विकास के लिए शिक्षा और संवैधानिक अधिकारों को अहम बताया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आदिवासी समाज की सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक पहचान को संरक्षित रखना जरूरी है। उन्होंने समाज के लोगों से अपनी भाषा, संस्कृति, परंपरा और मूल पहचान को बनाए रखने पर जोर दिया।
उन्होंने शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि शिक्षा के माध्यम से आदिवासी समाज के बच्चे आगे बढ़ सकते हैं और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बन सकते हैं। साथ ही संवैधानिक अधिकारों की जानकारी और उनका संरक्षण भी समाज के विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
महासम्मेलन के माध्यम से आदिवासी संस्कृति के संरक्षण, शिक्षा के विस्तार और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया।





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