रिपोर्ट – सुमित कुमार पाठक पतरातु
पीवीयूएनएल एवं कोयला परियोजनाओं से संचालित फ्लाई ऐश और कोयला लदे भारी वाहनों का परिचालन केवल रात्रि 10 बजे से सुबह 5 बजे तक सुनिश्चित करने की मांग।
बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र के माननीय विधायक श्री रोशन लाल चौधरी ने पतरातू से रामगढ़ टाउन तक पीवीयूएनएल (PVUNL) एवं विभिन्न कोयला खनन परियोजनाओं से फ्लाई ऐश (राख) तथा कोयला ढुलाई में लगे भारी वाहनों के अनियंत्रित एवं लगातार परिचालन पर गंभीर चिंता जताते हुए रामगढ़ के उपायुक्त को पत्र लिखकर आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की है।
विधायक ने अपने पत्र में कहा है कि फ्लाई ऐश एवं कोयला लदे भारी वाहनों के लगातार आवागमन के कारण क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। पूर्व में भी इस मार्ग पर कई अप्रिय दुर्घटनाएं घटित हो चुकी हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भय और असंतोष का माहौल है। विशेष रूप से दिनांक 06 नवंबर 2026 को पीवीयूएनएल मुख्य गेट के समीप फ्लाई ऐश लदे एक वाहन की मोटरसाइकिल से टक्कर में एक व्यक्ति की मौत की घटना अत्यंत दुखद एवं चिंताजनक है।
विधायक ने कहा कि वर्तमान में दीपावली, छठ पूजा एवं अन्य पर्व-त्योहारों का समय है। इन अवसरों पर सड़कों एवं स्थानीय बाजारों में श्रद्धालुओं और आम नागरिकों की भारी भीड़ रहती है। ऐसे में दिन के समय भारी वाहनों का परिचालन आम जनता की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
विधायक ने उपायुक्त से प्रमुख रूप से निम्नलिखित मांगें की हैं :
- पतरातू से रामगढ़ टाउन तक पीवीयूएनएल द्वारा संचालित फ्लाई ऐश (राख) ढुलाई एवं कोयला खनन परियोजनाओं तथा कोयला साइडिंग से जुड़े कोयला लदे भारी वाहनों का परिचालन दिन के समय पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाए।
- उक्त भारी वाहनों का परिचालन केवल रात्रि 10:00 बजे से सुबह 05:00 बजे तक ही सुनिश्चित किया जाए।
- इस विशेष यातायात व्यवस्था एवं समय-सारणी को आगामी छठ पूजा के समापन तक अनिवार्य रूप से लागू रखा जाए।
- छठ महापर्व के दौरान विशेष रूप से तीन दिनों तक भारी वाहनों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए, ताकि श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
- सड़क सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने, यातायात नियंत्रण एवं किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए तत्काल आवश्यक प्रशासनिक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
विधायक श्री रोशन लाल चौधरी ने कहा कि जनता की सुरक्षा सर्वोपरि है। औद्योगिक एवं कोयला परिवहन गतिविधियों के कारण आम नागरिकों की जान जोखिम में नहीं पड़नी चाहिए। विकास कार्यों और औद्योगिक गतिविधियों के साथ-साथ आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने जिला प्रशासन से जनहित एवं लोक-सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस मांग पर अविलंब संज्ञान लेने तथा संबंधित विभागों, पीवीयूएनएल प्रबंधन एवं परिवहन एजेंसियों को आवश्यक निर्देश जारी करने का आग्रह किया है।





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