झारखंड सरकार द्वारा पेश किए गए अबुआ दिशोम बजट 2026-27 पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल के लोकसभा क्षेत्र के सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने इसे दिशाहीन, आधारहीन और महज जुमलेबाजी करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि रजत जयंती वर्ष के नाम पर परोसा गया यह बजट असल में बबुआ बजट है, जिसके माध्यम से गठबंधन सरकार ने एक बार फिर झारखंडियों को ठगने का काम किया है। 10% बजट वृद्धि और मध्यम परियोजनाओं का ढोल पीटा जा रहा है, लेकिन वर्तमान बदहाल व्यवस्थाओं को देखते हुए इसके क्रियान्वयन पर गहरा संदेह है।
सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने स्वास्थ्य सेवाओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जिला अस्पतालों में मेमोग्राफी और पेट स्कैन की बातें बेमानी हैं, क्योंकि वर्तमान में संचालित बुनियादी स्वास्थ्य ढांचा पूरी तरह चौपट है। हजारीबाग के मेडिकल कॉलेज में खुद का एक अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन सुविधा भी नहीं कर पाया इसे पीपीपी मोड पर एक प्राइवेट कंपनी को दिया गया है। उन्होंने कहा कि सबसे अधिक ठगा हुआ राज्य के बेरोजगार युवा महसूस कर रहें है, जिससे किए गए 10 लाख नौकरियों के वादे इस बजट में भी कहीं नजर नहीं आते। मुंगेरीलाल के हसीन सपने दिखाकर सत्ता में दोबारा आई हेमंत सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल के इस बजट से भी युवा, महिला, किसान, मजदूर और मध्यम वर्ग को पूरी तरह निराश किया है। यह बजट केवल आंकड़ों की बाजीगरी है, जिससे राज्य के विकास की नहीं बल्कि केवल सरकार के जनविरोधी मंसूबों की गूंज सुनाई दे रही है। युवा शक्ति और जनहित की अनदेखी का जवाब आने वाले समय में राज्य की जनता जरूर देगी।
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