
हजारीबाग में लगातार हो रही स्कॉर्पियो चोरी की घटनाओं पर पुलिस ने बड़ा और निर्णायक प्रहार करते हुए एक संगठित अंतरराज्यीय वाहन चोरी गिरोह का पर्दाफाश किया है। दिनांक 12 फरवरी 2026 की रात लोहसिंघना थाना प्रभारी को सूचना मिली कि एक सफेद रंग की बिहार नंबर प्लेट लगी स्कॉर्पियो पुलिस गश्ती वाहन को देखकर इंद्रपुरी चौक पर लगे बैरियर को टक्कर मारते हुए पेलावल की ओर तेज गति से भाग रही है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी ने तत्परता दिखाते हुए वरीय अधिकारियों को अवगत कराया, जिसके बाद अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर हजारीबाग श्री अमित आनंद (भा.पु.से.) के नेतृत्व में तत्काल छापामारी दल का गठन किया गया। पेलावल गदोखर मोड़ के पास पुलिस ने रणनीतिक घेराबंदी कर सशस्त्र बल के सहयोग से उक्त स्कॉर्पियो को रोक लिया और उसमें सवार छह लोगों को हिरासत में ले लिया।
पकड़े गए अभियुक्तों में गिरोह का सरगना अशरफ अली उर्फ यशरब अली उर्फ पप्पू खान उर्फ गुरूजी (रोहतास, बिहार) शामिल है, जिसके विरुद्ध कई जिलों में वाहन चोरी, धोखाधड़ी और आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं। उसके साथ विवेक कुमार (औरंगाबाद), विकास कुमार (पलामू), जितेंद्र कुमार मेहता उर्फ छोटू (हजारीबाग), मो० जोनी उर्फ सोहान (बिहार शरीफ) तथा शेखराज (रोहतास) को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सभी ने स्वीकार किया कि वे संगठित गिरोह के रूप में हजारीबाग, रामगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों में अल्टो कार से रेकी कर सुनसान स्थानों पर खड़ी स्कॉर्पियो गाड़ियों का लॉक तोड़कर चोरी करते थे और बाद में इन्हें बिहार के शराब माफियाओं को 1.5 से 2 लाख रुपये में बेच देते थे। गिरोह द्वारा कटकमदाग, मुफ्फसिल, लोहसिंघना, चरही, दारू, कटकमसांडी तथा रामगढ़ थाना क्षेत्रों में दर्ज कई स्कॉर्पियो चोरी कांडों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की गई है।
पुलिस ने इनके पास से एक सफेद स्कॉर्पियो (रजि. नं. BR10AN-1191) और पांच मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इस संबंध में कटकमसांडी (पेलावल ओपी) थाना कांड संख्या 27/26 दिनांक 12.02.2026 के तहत BNS की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर सभी अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी हेतु छापेमारी जारी है। इस पूरी कार्रवाई में लोहसिंघना थाना प्रभारी की त्वरित सूचना, सूझबूझ और सक्रियता निर्णायक साबित हुई, वहीं एसडीपीओ श्री अमित आनंद के नेतृत्व में विभिन्न थाना प्रभारियों और तकनीकी शाखा की संयुक्त टीमवर्क ने यह स्पष्ट कर दिया कि हजारीबाग में अपराधियों के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं है। पुलिस की इस बड़ी सफलता से वाहन चोर गिरोहों में हड़कंप मच गया है और आम नागरिकों में सुरक्षा का विश्वास और मजबूत हुआ है।
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