रांची। झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन भी JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर विपक्ष का विरोध जारी रहा। भाजपा और आजसू के विधायकों ने विधानसभा परिसर के बाहर प्रदर्शन कर राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और भर्ती घोटालों की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान विपक्षी विधायकों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि JPSC और JSSC की भर्ती प्रक्रियाओं में हुई कथित अनियमितताओं ने राज्य के लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है। विपक्ष ने कहा कि छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही है।
भाजपा और आजसू नेताओं ने 14वीं JPSC परीक्षा मामले की उच्चस्तरीय जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही JSSC CGL परीक्षा को लेकर उठे विवादों पर भी सरकार से जवाब मांगा।
विधायकों ने कहा कि जब तक युवाओं को न्याय नहीं मिलेगा और भर्ती प्रक्रियाओं में विश्वास बहाल नहीं होगा, तब तक विपक्ष सदन से लेकर सड़क तक आवाज उठाता रहेगा। उन्होंने सरकार पर मामले को दबाने और छात्रों की चिंताओं की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया।
विधानसभा परिसर में हुए इस प्रदर्शन के कारण राजनीतिक माहौल गरमाया रहा। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में भी JPSC-JSSC का मुद्दा सदन की कार्यवाही में प्रमुखता से गूंजता रहेगा।
वहीं, छात्र संगठनों के आंदोलन और CID की जांच के बीच यह मुद्दा राज्य की राजनीति का केंद्र बन गया है। ऐसे में मानसून सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच इस विषय पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
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