कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी की उपस्थिति में आज झारखंड प्रदेश कांग्रेस के सभी शीर्ष नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री केसी वेणुगोपाल, प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के राजू, प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, विधायक दल के नेता प्रदीप यादव और उप नेता राजेश कच्छप, सभी चारो मंत्री तथा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर, प्रदीप कुमार बलमुचू तथा डॉ अजय कुमार के अलावा सांसद सुखदेव भगत व कालीचरण सिंह मुंडा उपस्थित हुए। वैसे तो इस बैठक में झारखंड में संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं के सशक्तिकरण पर जोर दिया गया। राज्य के ज्वलंत और जन कल्याणकारी योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विमर्श किया गया। आगामी राजनीतिक चुनौतियों से निबटने पर चर्चा की गयी। राहुल गांधी को झारखंड आने का भी प्रस्ताव दिया गया।
लेकिन इस सब विषयों के अलावा पार्टी हाईकमान ने झारखंड प्रदेश कांग्रेस के शीर्ष नेताओं को अनुशासित रहने की भी हिदायत दी। उनसे कहा गया कि वे अपनी बात मीडिया में जाने के बदले पार्टी के उचित प्लेटफॉर्म पर रखें। कांग्रेस के नेताओं और मंत्रियों को सुझाव दिया गया कि पार्टी झारखंड में अपना काम करे, झामुमो अपना काम करेगा। मालूम हो कि कांग्रेस के पांच विधायकों ने पिछले दिनों दिल्ली में केसी वेणुगोपाल और खड़गे से मुलाकात की थी। मंत्रियों के बारे में शिकायत की थी। सूचना के अनुसार खड़के निर्देश पर इन विधायकों ने मेल के माध्यम से लिखित शिकायत भी की है। लेकिन बैठक में सीधे तौर पर विधायकों की नाराजगी और शिकायत पर कोई चर्चा नहीं हुई। यह भी निर्देश दिया गया कि झारखंड में पेसा नियमावली पर फोकस करें। उससे होनेवाले लाभ से जनता को अवगत कराएं। पेसा पर पार्टी मजबूती से खड़ी हो।
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