साइबर अपराध के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में जामताड़ा पुलिस को एक बार फिर बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर अपराध थाना की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर करमाटांड़ थाना क्षेत्र के बाबुडीह गांव में छापेमारी कर एक शातिर साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह पूरी कार्रवाई साइबर थाना प्रभारी राजेश मंडल के नेतृत्व में गठित एक विशेष पुलिस टीम द्वारा की गई। टीम ने मौके से त्वरित कार्रवाई करते हुए दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है और एक नाबालिग को भी निरुद्ध (हिरासत) में लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजेंद्र रवानी (28 वर्ष), गणेश रवानी (25 वर्ष), किशोर (17 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने अपराधियों के पास से ठगी में इस्तेमाल किए जाने वाले 07 मोबाइल फोन और 07 फर्जी सिम कार्ड भी बरामद किए हैं। पूछताछ में यह बातें सामने आई कि इस गिरोह का नेटवर्क पूरे भारत में फैला हुआ था।
ये शातिर अपराधी देशभर के भोले-भाले लोगों को अपना निशाना बनाते थे। आरोपी खुद को नामी फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी बताकर लोगों को कॉल करते थे। वे पीड़ितों को झांसा देते थे कि उनकी ‘बजाज फाइनेंस’ (Bajaj Finance) की गाड़ी की किस्त (EMI) बकाया है। किस्त जमा करने के नाम पर वे लोगों को एक फर्जी QR कोड भेजते थे। जैसे ही कोई पीड़ित उस कोड को स्कैन करता, उसके ई-वॉलेट और बैंक खाते से पैसे गायब हो जाते थे। इस संबंध में जामताड़ा साइबर थाने में कांड संख्या 20/26 दर्ज की गई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS 2023), आईटी एक्ट (IT Act) और टेली कम्युनिकेशन एक्ट 2023 की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके बैंक खातों को खंगालने में जुटी है।
Leave a comment