जिलेवासियों को वज्रपात से बचाव के प्रति जागरूक करने के लिए डीसी कर्ण सत्यार्थी ने समाहरणालय परिसर से वज्रपात सुरक्षा रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस रथ के माध्यम से ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में लोगों को वज्रपात के दौरान अपनाए जाने वाले एहतियाती उपायों की जानकारी दी जाएगी। डीसी ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से बचाव के लिए जागरूकता ही सबसे बड़ा उपाय है। इस पहल का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक वज्रपात सुरक्षा से संबंधित संदेश पहुंचाना है, ताकि जनहानि की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।
वज्रपात के दौरान अपनाए जाने वाले प्रमुख सावधानियां:
- आंधी-तूफान या बारिश के दौरान खुले मैदान, ऊँचे पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे न खड़े हों।
- मोबाइल फोन या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग न करें।
- खेतों में काम कर रहे किसान तत्काल सुरक्षित स्थान पर चले जाएँ।
- घर में रहते हुए बिजली के उपकरण, टीवी, फ्रिज आदि बंद कर दें।
- खुले स्थान में अचानक फँस जाने पर दोनों कानों को बंद कर झुककर बैठें, लेटें नहीं।
- सड़क पर होने पर तुरंत किसी भवन के अंदर शरण लें। बिजली के गर्जन सुनाई देने के बाद कम से कम 30 मिनट तक सुरक्षित स्थान पर बने रहें।
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