पाकुड़ ब्यूरो जितेन्द्र यादव की रिपोर्ट
महेशपुर थाना में यूडी केस 02/26 दर्ज, मानसिक तनाव की बात आई सामने
तीन दिन से लापता था माइकल, कालूपाड़ा के जंगल में मिला शव — गांव में पसरा मातम
महेशपुर (पाकुड़): महेशपुर थाना क्षेत्र में एक 23 वर्षीय युवक द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। रविवार को हुई इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। पुलिस ने इस संबंध में यूडी केस संख्या 02/26 (दिनांक 09 फरवरी 2026) दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है।
मृतक की पहचान पोलिस हेंब्रम के पुत्र माइकल हेंब्रम (23 वर्ष) के रूप में हुई है। माइकल की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, वहीं गांव में शोक और स्तब्धता का माहौल है।
तीन दिन पहले घर से निकला, फिर नहीं लौटा
परिजनों के अनुसार, 6 फरवरी 2026 को माइकल अचानक घर से निकल गया था। परिवार को लगा कि वह पहले की तरह कुछ देर में लौट आएगा, लेकिन जब देर रात तक वह घर नहीं आया तो परिजनों की चिंता बढ़ने लगी। अगले दिन आसपास के गांवों, रिश्तेदारों और परिचितों के यहां उसकी तलाश की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
काफी खोजबीन के बाद भी जब माइकल का कोई पता नहीं चला, तो परिवार की बेचैनी और बढ़ गई। इसी बीच 8 फरवरी 2026 को दोपहर करीब दो बजे ग्राम कालूपाड़ा के समीप जंगल क्षेत्र में ग्रामीणों ने एक युवक का शव पेड़ से फांसी के फंदे से लटका देखा। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और शव की पहचान माइकल के रूप में की।
मानसिक संतुलन ठीक नहीं होने की बात
मृतक के पिता द्वारा महेशपुर थाना में दिए गए लिखित आवेदन में बताया गया है कि माइकल का मानसिक संतुलन पिछले कुछ समय से ठीक नहीं था। वह अक्सर घर से निकलकर इधर-उधर भटकता रहता था और चुपचाप रहने लगा था। परिवार ने उसके इलाज की भी कोशिश की थी, लेकिन स्थिति में विशेष सुधार नहीं हुआ।
हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच सभी पहलुओं से की जा रही है।
पुलिस ने की कानूनी कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही महेशपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
थाना सूत्रों के अनुसार,
फिलहाल मामले में किसी प्रकार की साजिश या बाहरी हस्तक्षेप की पुष्टि नहीं हुई है। परिजनों द्वारा भी किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया गया है।
पुलिस ने कहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की औपचारिक पुष्टि की जाएगी।
गांव में पसरा सन्नाटा
माइकल की मौत से कालूपाड़ा और आसपास के गांवों में शोक का माहौल है। ग्रामीणों के अनुसार, माइकल स्वभाव से शांत था, लेकिन पिछले कुछ महीनों से वह कम बोलने लगा था। घटना के बाद परिवार की हालत बेहद खराब बताई जा रही है। मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है।
एक ग्रामीण ने कहा
हमें यकीन ही नहीं हो रहा कि माइकल अब हमारे बीच नहीं रहा।”
बढ़ता मानसिक तनाव, गंभीर चिंता
क्षेत्र में यह घटना एक बार फिर युवाओं में बढ़ते मानसिक तनाव और अवसाद की ओर इशारा करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता और समय पर परामर्श बेहद जरूरी है।
यदि किसी व्यक्ति में लगातार उदासी, अकेलापन या व्यवहार में बदलाव दिखे, तो परिवार और समाज को संवेदनशील होकर उसका साथ देना चाहिए।
महेशपुर पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी।
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