जामताड़ा जिला प्रशासन ने अवैध कोयला उत्खनन और उससे होने वाली मौतों को रोकने के लिए सोमवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस अधीक्षक राजकुमार मेहता के निर्देश पर नाला थाना क्षेत्र के कास्ता और पलास्थली स्थित बंद पड़ी खदानों को जेसीबी और बुलडोजर की मदद से मिट्टी भरकर डोजिंग करने का काम शुरू किया गया है। गौरतलब है कि इसी वर्ष फरवरी माह में पलास्थली और कास्ता क्षेत्र की इन अवैध खदानों में कोयला निकालने के दौरान एक बड़ा हादसा हुआ था। इस दुर्घटना में तीन से चार मजदूरों के मलबे में दबने की खबर सामने आई थी। ‘फॉलो-अप’ ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित कर प्रशासन का ध्यान इस ओर खींचा था। खबर का संज्ञान लेते हुए सोमवार को पुलिस और ईसीएल के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से इन खतरनाक स्थलों को सुरक्षित करने की मुहिम शुरू की।
यह खदानें मूल रूप से ईसीएल के पांडेश्वर जोनल ऑफिस के अधीन थीं, जिन्हें वर्षों पहले बंद कर दिया गया था। लेकिन पिछले तीन दशकों में यहां अवैध उत्खनन का ऐसा जाल बिछा कि कई स्थानों पर गहरी और असुरक्षित खदानें बन गई। इस कार्रवाई को नाला थाना प्रभारी राजीव रंजन कुमार एवं ECL अधिकारी ने मिलकर नेतृत्व किया। जिसमें CISF और नाला थाना के पर्याप्त पुलिस बल की भी तैनाती गई। हालांकि, प्रशासन ने सख्त चेतावनी देते हुए क्षेत्र के लोगों को कहा कि इन क्षेत्रों में किसी भी सूरत में अवैध उत्खनन को पनपने नहीं दिया जाएगा। पुलिस और ईसीएल की नियमित निगरानी जारी रहेगी। यदि कोई भी व्यक्ति इस तरह की गैर-कानूनी गतिविधि में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर सहायक अवर निरीक्षक संजय गहलौत सहित भारी संख्या में पुलिस बल और सुरक्षाकर्मी उपस्थित रहे। प्रशासन की इस सक्रियता से इलाके के अवैध कोयला माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
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