फिलहाल झारखंड में मौसम साफ और शुष्क बना हुआ है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के रांची केंद्र के अनुसार, राज्य में अभी कोई बड़ी मौसमी गतिविधि नहीं हो रही है। दक्षिण-पश्चिम मानसून वापस लौट रहा है और अगले दो से तीन दिनों में इसके झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ और ओडिशा से पूरी तरह विदा लेने की संभावना है। पिछले 24 घंटों में राज्य के ज्यादातर इलाकों में मौसम सूखा रहा। पाकुड़ में सबसे अधिक तापमान 34.5°C दर्ज किया गया, जबकि लातेहार सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 16.1°C रहा। मौसम विभाग ने बताया है कि 13 से 16 अक्टूबर तक झारखंड में आसमान साफ रहेगा और बारिश की कोई संभावना नहीं है। 17 और 18 अक्टूबर को भी बारिश के आसार नहीं हैं।
रांची में रविवार को अधिकतम तापमान 30.4°C और न्यूनतम 19.8°C रिकॉर्ड किया गया। वहीं, पलामू सबसे गर्म जिला रहा, जहां पारा 38.7°C तक पहुंच गया। बोकारो में न्यूनतम तापमान 21.0°C दर्ज किया गया। सभी जिलों में नमी (आर्द्रता) सामान्य रही। हालांकि अक्टूबर के पहले 12 दिनों में झारखंड में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है। इस अवधि में राज्य में औसतन 67.2 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि सामान्य बारिश का आंकड़ा 44.0 मिलीमीटर है। यानी 53% अधिक वर्षा दर्ज की गई है। कुछ जिलों में भारी वर्षा देखने को मिली, जैसे – गढ़वा, गोड्डा, देवघर, हजारीबाग और जामताड़ा। गढ़वा में सामान्य से 292% ज्यादा बारिश हुई, जो पूरे राज्य में सबसे अधिक है।
वहीं, कुछ जिलों में बहुत कम बारिश हुई। पाकुड़ में सिर्फ 8.2 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि वहां का सामान्य औसत 84.5 मिलीमीटर है। साहेबगंज में 71% और सिमडेगा में 64% कम बारिश हुई। खूंटी, गुमला, गिरिडीह और सरायकेला-खरसावां में भी सामान्य से लगभग आधी बारिश दर्ज की गई। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश का यह असमान वितरण किसानों और जल प्रबंधन के लिए चिंता का विषय हो सकता है। आने वाले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क बना रहेगा जिससे फसल की कटाई में राहत मिलेगी, लेकिन भूजल स्तर पर इसका असर पड़ सकता है।
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