रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के अध्यक्ष का पद लंबे समय से खाली रहने के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार से पूछा कि नए JPSC अध्यक्ष की नियुक्ति कब तक की जाएगी और इस संबंध में अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।
अदालत ने आयोग जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्थान में शीर्ष पद खाली रहने पर चिंता जताई। हाईकोर्ट ने कहा कि अध्यक्ष का पद रिक्त रहने से आयोग के कार्यों और भर्ती प्रक्रियाओं पर असर पड़ सकता है, जिससे अभ्यर्थियों और प्रशासन दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से आयोग में नियुक्ति प्रक्रिया से संबंधित जानकारी प्रस्तुत की गई। हालांकि अदालत ने स्पष्ट समयसीमा जानने की इच्छा जताते हुए पूछा कि नए अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर सरकार की क्या योजना है और यह प्रक्रिया कब तक पूरी होने की संभावना है।
गौरतलब है कि JPSC से जुड़ी विभिन्न भर्ती प्रक्रियाएं और परीक्षाएं पहले से ही चर्चा में हैं। ऐसे समय में अध्यक्ष का पद खाली रहने को लेकर कई अभ्यर्थी और सामाजिक संगठन भी सवाल उठा रहे हैं।
कानूनी जानकारों का मानना है कि आयोग के सुचारु संचालन के लिए अध्यक्ष की नियुक्ति महत्वपूर्ण होती है। इससे भर्ती प्रक्रियाओं में प्रशासनिक निर्णय लेने और कार्यों के निष्पादन में गति आती है।
फिलहाल मामले की सुनवाई जारी है और अब सरकार की ओर से अदालत को विस्तृत जवाब दिए जाने की उम्मीद है। हाईकोर्ट की इस टिप्पणी के बाद JPSC अध्यक्ष की नियुक्ति का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
Leave a comment