जमशेदपुर के छायानगर में मंगलवार रात 9.30 बजे हुई खूनी रंजिश ने पूरे इलाके को दहला दिया। घटना में चंडीनगर के दो युवकों पर धारदार चापड़ से ताबड़तोड़ हमला कर उन्हें हमलावरों ने गोली भी मारी। इस पूरी घटना को अपराधियों ने सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के छायानगर स्थित डब्बा लाइन सामुदायिक भवन के सामने अंजाम दिया। पुलिस ने घटनास्थल से दो पिलेट दो खोखा, तीन जोड़ी चप्पल और खून से सना कपड़ा बरामद किया है। बताया जा रहा है कि दो गुटों के बीच वर्चस्व और रामनवमी के दौरान हुए विवाद को लेकर फायरिंग और चापड़बाजी की पूरी घटना घटी है। जिसमें चंडीनगर निवासी नंदू लोहार (25) और उसका दोस्त सन्नी पुष्टि उर्फ जगन्नाथ पुष्टि (22) गंभीर रूप से घायल है। सन्नी को एक आंख में गोली लगी है। साथ ही सिर और हाथ में चापड़ से गहरे जख्म हैं। नंदू के सिर, हाथ और छाती पर भी चापड़ से बुरी तरह हमला किया गया है। घटना के बाद दोनों घायलों को इलाज के लिए टीएमएच में भर्ती कराया गया है। जहां सन्नी की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
हमले का आरोप शुरु भुइयां के बेटों पाल भुइयां, संजय भुइयां, आजाद भुइयां, दीपाली के बेटे करण और टकलू लोहार के बेटे समेत अन्य पर लगाया गया है। पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को हिरासत में लिया है। घटना के बाद इलाके में तनाव को दखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। वहीं, टीएमएच में डीएसपी भोला प्रसाद ने पहुंचकर घायलों का बयान लिया। इस दौरान अस्पताल में परिजनों और स्थानीय लोगों की भीड़ जुटी रही। जानकारी के अनुसार, नंदू शाम करीब पांच बजे अपनी मां से 400 रुपये लेकर दोस्त का जन्मदिन मनाने के लिए घर से निकला था। रात में सामुदायिक भवन के पास फायरिंग और चापड़बाजी की घटना हुईं। घरनास्थल पर सन्नी गंभीर हालत में गिरा हुआ था, जबकि नंदू लहूलूहान अवस्था में करीब 50 मीटर भागकर अपने घर के दरवाजे तक पहुंचा और वहीं गिर पड़ा। नंदू के चिल्लाने की आवाज सुनकर उसकी बहन घर से बाहर आई और उसने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग जुटे और नंदू को लेकर अस्पताल भागे।
चंडीनगर निवासी मुस्कान ने बताया कि उसका भाई नंदू लोहार शादी-पार्टी में नान-रोटी बनाने का काम करता है और दो बहनों में सबसे छोटा हैं। रामनवमी के दिन वह जयगुरु स्टोर से सामान लेने गईं थी, जहां उसके साथ छेड़खानी की गईं। मुस्कान के अनुसार, नंदू और उसके दोस्त सन्नी ने विरोध किया, तो आरोपियों ने नंदू के गले में गमछा डालकर उसे खींचने की कोशिश की। विरोध करने पर मारपीट शूरू हो गईं। शोर मचने पर लोग जुटे, जिसके बाद आरोपी भाग गए। इसकी शिकायत सीतारामडेरा थाना में की गईं थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसी कारण आरोपियों का मनोबल बढ़ा और उन्होंने बाद में फायरिंग व चापड़बाजी की।
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