झारखंडब्रेकिंग

साहेबगंज में जीवन का संघर्ष : पानी, सड़क, और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं से कोसों दूर

Share
Share
Khabar365news

साहेबगंज के बोरियो प्रखंड मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर तेलों पंचायत अंतर्गत पर्यटक स्थल के रूप में जाना जाने वाला बोंगाकोचा झरने के ऊपर पहाड़ में बसा एक आदिम जनजाति का पहाड़िया गांव ग़म्हरिया पहाड़ है। जहां पानी, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली की समस्याओं के कारण लगभग 300 की आबादी वाले गांव के लोगों को जीना दुश्वार हो गया है। ग्रामीण बताया कि गांव की यह भयंकर समस्या है। गांव से बाहर चुआं (कुआं जैसा गड्ढा) से पानी लाने के बाद ही प्यास बुझाने को मजबूर है।

भीषण गर्मी में ये चुआं भी सुख जाता है जिससे दो किलोमीटर दूर दूसरे गांव से पानी लाने के लिए जाना पड़ता है। जिससे पूरा दिन पानी लाने में ही निकल जाता हैं। बरसात के मौसम में चुआ का गंदा पानी पीने से यहां के लोगों को मलेरिया, टाइफायड जैसे बीमारी होते रहते हैं. अभी भी इस गांव के दर्जनों लोगों को मलेरिया टाइफायड जैसे बीमारी से पीड़ित है। स्वास्थ्य विभाग के द्वारा न ही मेडिकल कैंप लगाई जाती है और न ही कीटनाशक का छिड़काव किया जाता है। जिस कारण यहां के लोग हमेशा बीमार पड़ते रहते है।

वहीं ग्रामीणों ने बताया कि रात को अचानक महिलाओं को प्रसव पीड़ा उत्पन्न होने या किसी के बीमार पड़ने पर जंगल के रास्ते जुगाड़ लगाकर मोबाइल का टॉर्च जलाकर खटिया के सहारे पहाड़ के पथरीले पगडंडी से गुजर कर पहाड़ से नीचे उतरकर स्वास्थ्य केन्द्र या निजी क्लीनिक के पास पहुंचते है। सड़क न होने के वजह से अधिकारियों के नजरों से दूर होने के कारण पीवीटीजी परिवारों को मिलने वाले स्वास्थ्य टीम भी गांव नहीं पहुंचते हैं। गांव में बीमार होने से झोलाछाप डॉक्टर से ईलाज कराने में मजबूर हैं।

गांव में कई परिवारों को पीएम जनमन आवास का लाभ तो मिला है पंरतु बिचोलिया और सिस्टम की लापरवाही के वजह से अधिकतर आवास अधूरे पड़े हैं। शिक्षा व्यवस्था भी है बदहाल है। ग़म्हरिया पहाड़ में कोई विद्यालय नहीं है। ग़म्हरिया पहाड़ के नीचे उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय छोटा ग़म्हरिया विद्यालय है जिसमें दोनों गांव के बच्चे पढ़ते है परंतु विद्यालय भी भगवान भरोसे संचलित होते हैं। 

ग्रामीणों ने बताया विद्यालय में कई दिनों तक ताला लगा रहता है। ग़म्हरिया पहाड़ गांव में बिजली तो पहुंची है लेकिन बारिश और आंधी आने से महीनों तक बिजली बाधित रहती है। ट्रांसफार्मर पहाड़ के नीचे उलूगुटु गांव में लगा है। फॉल्ट होने पर महीनों तक बिजली गुल हो जाती है। करीब एक महीने से ट्रांसफार्मर खराब होने से गांव में फिर से डिबरी युग आ गया है। भोले भाले आदिम जनजाति पहाड़िया बहुल इस गांव के लोगों को मूलभूत सुविधाओं को लेकर प्रशासन अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायते तो बहुत है। लेकिन इनकी समस्याओ का हल करने वाला कोई नहीं है। ग्रामीणों ने पानी, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य व्यवस्था की मांग की है।

Share

Leave a comment

Leave a Reply

Categories

Calender

July 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
2728293031  







Related Articles
Jharkhandझारखंड

वरिष्ठ मंत्रियों की अनदेखी और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता : प्रदीप सिन्हा 

Khabar365newsभारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप सिन्हा ने प्रदेश कार्यालय में...