सुप्रीम कोर्ट पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को चुनौती देने वाली राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की याचिका पर बुधवार को सुनवाई करेगा। इसी मुद्दे से जुड़ी अन्य याचिकाओं पर भी उसी दिन अहम सुनवाई प्रस्तावित है। संभावना जताई जा रही है कि मुख्यमंत्री स्वयं इस दौरान सर्वोच्च न्यायालय में उपस्थित रह सकती हैं। इस बीच तृणमूल कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर एक पोस्ट साझा की है, जिसमें ममता बनर्जी को फाइलों के साथ सुप्रीम कोर्ट की ओर जाते हुए दिखाया गया है। पोस्ट के कैप्शन में उन्हें ‘People’s Advocate’ (जनता की वकील) बताया गया है, जबकि विपक्षी रुख को ‘Devil’s Advocate’ करार दिया गया है। तस्वीरों के साथ यह संदेश भी दिया गया है कि मुख्यमंत्री एसआईआर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं।
सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट के अनुसार, प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ मोस्तरी बानू तथा तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ’ब्रायन और डोला सेन द्वारा दायर तीन याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। सूत्रों के मुताबिक, एलएलबी की डिग्री रखने वाली मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं अदालत में उपस्थित होकर अपनी दलीलें रख सकती हैं।
ममता बनर्जी ने यह याचिका 28 जनवरी को दायर की थी, जिसमें निर्वाचन आयोग और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पक्षकार बनाया गया है। इससे पहले उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पत्र लिखकर चुनाव से पहले राज्य में चल रहे “मनमाने और खामियों से भरे” एसआईआर को रोकने की मांग की थी। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 19 जनवरी को इस मामले में निर्देश जारी करते हुए कहा था कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए और इससे किसी भी मतदाता को असुविधा नहीं होनी चाहिए।
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