विधानसभा में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े तारांकित प्रश्न पर जोरदार चर्चा हुई। विधायक सीपी सिंह ने सरकार से पूछा कि आयुष चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए JPSC को अधियाचना कब भेजी गई थी। उन्होंने कहा कि राज्य में 670 पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में केवल 48 आयुष चिकित्सक ही कार्यरत हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने जवाब देते हुए बताया कि वर्ष 2022 में JPSC को अधियाचना भेजी गई थी। इस पर विधायक ने सवाल उठाया कि तीन साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अब तक नियुक्ति प्रक्रिया पूरी क्यों नहीं हो सकी। मंत्री ने कहा कि विभाग में फैकल्टी की कमी है और इस संबंध में दिल्ली में केंद्रीय स्तर पर भी बातचीत की गई है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार आने वाले दिनों में होम्योपैथिक मेडिकल यूनिवर्सिटी स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है। साथ ही आश्वस्त किया कि जल्द ही आयुष चिकित्सकों की बहाली की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विधानसभा अध्यक्ष ने भी जामताड़ा स्थित एक पुराने मेडिकल कॉलेज की स्थिति पर चिंता जताई और उसके उद्धार के लिए ठोस कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
इस दौरान सीपी सिंह ने कहा कि मंत्री ने स्वयं स्थिति स्वीकार की है। उन्होंने कहा कि “चावल के एक दाने से ही पूरे चावल का हाल पता चल जाता है।” राज्य की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी चाहिए। यदि तीन साल पहले अधियाचना भेजी गई थी तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? यदि सरकार की मंशा अच्छी है तो इस मामले में देरी नहीं होनी चाहिए। जवाब में मंत्री ने कहा कि JPSC से वार्ता हो चुकी है और मार्च महीने में नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि 5, 6 और 7 मार्च को बहाली से संबंधित विज्ञापन जारी किया जाएगा।
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