हिरणपुर में खुलेआम फल-फूल रहा अवैध सिंडिकेट, प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल
पाकुड़ से जितेन्द्र यादव की रिपोर्ट
पाकुड़ | हिरणपुर : एक तरफ पाकुड़ के उपायुक्त मनीष कुमार जिले को “प्रगतिशील पाकुड़” बनाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, योजनाओं को जमीन पर उतारने में जुटे हैं, वहीं दूसरी तरफ हिरणपुर थाना क्षेत्र में जाली एटीएम लॉटरी का ऐसा काला कारोबार फल-फूल रहा है, जो पूरे जिले की छवि पर सवालिया निशान लगा रहा है।
कहानी की शुरुआत: बिहार से हिरणपुर तक
सूत्रों के अनुसार इस अवैध एटीएम लॉटरी सिंडिकेट का मास्टरमाइंड बिहार निवासी पवन झुनझुनवाला है, जो अपने साथी आशीष के साथ मिलकर पूरे हिरणपुर क्षेत्र को अपने नेटवर्क में जकड़ चुका है। बताया जाता है कि पवन जहां जाली लॉटरी की छपाई और रणनीति तय करता है, वहीं आशीष स्थानीय स्तर पर पूरे सिंडिकेट का संचालन करता है।
स्थानीय चेहरे, मजबूत नेटवर्क
इस अवैध कारोबार को जमीन पर फैलाने में बिट्टू भगत, श्यामल मंडल, संदीप रक्षित, मुबारक अंसारी, आमिर अंसारी और महादेव रक्षित जैसे नाम सामने आ रहे हैं। ये लोग एजेंटों के जरिए हिरणपुर क्षेत्र में इस जाली एटीएम लॉटरी को कोरोना की तरह फैलाने में जुटे हैं।
कहां-कहां बिक रही है जाली लॉटरी?
सूत्र बताते हैं कि यह अवैध लॉटरी —
सुभाष चौक
पान दुकानों
रानीपुर मोड़
बस स्टैंड
डांगापाड़ा चौक
चौड़ा मोड़
जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में खुलेआम बेची जा रही है। छोटे-छोटे खुदरा विक्रेताओं को माध्यम बनाकर भोले-भाले लोगों को रातों-रात अमीर बनने का सपना दिखाया जाता है।
गरीबों की कमाई, माफियाओं की तिजोरी
इस नकली लॉटरी के चक्कर में सबसे ज्यादा नुकसान गरीब मजदूरों, दिहाड़ी कामगारों, ऑटो चालकों, सब्जी विक्रेताओं, छोटे दुकानदारों और युवाओं को हो रहा है। मेहनत-मजदूरी से कमाया गया पैसा एक झूठी उम्मीद में पल भर में स्वाहा हो जा रहा है।
सबसे बड़ा सवाल: कार्रवाई क्यों नहीं?
हैरानी की बात यह है कि सब कुछ खुलेआम होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। सूत्र यहां तक दावा कर रहे हैं कि प्रशासन की मौन सहमति के बिना इतना बड़ा अवैध कारोबार संभव नहीं है। यही वजह है कि लॉटरी माफिया बेखौफ होकर जाली एटीएम लॉटरी की सप्लाई कर रहे हैं।
प्रगतिशील पाकुड़ पर मंडराता खतरा
यदि समय रहते इन माफियाओं पर शिकंजा नहीं कसा गया, तो प्रगतिशील पाकुड़ का नारा सिर्फ पोस्टरों और भाषणों तक सिमट कर रह जाएगा। यह अवैध कारोबार न केवल आर्थिक अपराध है, बल्कि सामाजिक ताने-बाने को भी खोखला कर रहा है।
जनता की उम्मीद: थाना प्रभारी पर टिकी निगाहें
अब पूरे हिरणपुर की नजरें थाना प्रभारी पर टिकी हैं। आम जनता को उम्मीद है कि जल्द ही इस अवैध लॉटरी सिंडिकेट पर सख्त कार्रवाई होगी, दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा और मेहनतकश लोगों की कमाई को लूटने वाले इस गोरखधंधे पर पूर्ण विराम लगेगा।
अब सवाल सिर्फ इतना है
क्या प्रशासन जागेगा, या माफियाओं का खेल यूँ ही चलता रहेगा?
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