हजारीबाग से एक बेहद ही सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां रामनवमी 2026 के शोभायात्रा के दौरान हुए चाकूबाजी कांड ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया। दारू थाना क्षेत्र के दारू चौक स्थित काली मंडप के पास 27 मार्च को जुलूस के दौरान गुलाब कुमार पर बेरहमी से चाकू से हमला किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना के बाद घायल गुलाब कुमार को पहले आरोग्यम अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया, फिर बेहतर इलाज के लिए रांची रिम्स रेफर किया गया। हालत नाजुक होने के कारण परिजन उसे वापस हजारीबाग के मेडिकल अस्पताल ले आए, जहां इलाज के दौरान 5 अप्रैल 2026 को उसकी दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश और शोक का माहौल फैल गया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए दारू थाना में कांड संख्या 20/26 दर्ज कर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू की। जांच के क्रम में पुलिस ने मुख्य आरोपी को 4 अप्रैल को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जबकि अन्य आरोपियों पर लगातार दबिश दी गई। अंततः पुलिस ने शेष आरोपियों को भी पकड़ने में सफलता हासिल की, जिसमें दो को गिरफ्तार और एक विधि-विवादित किशोर को निरुद्ध किया गया।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया। बताया गया कि जुलूस के दौरान मामूली विवाद इतना बढ़ गया कि आकाश कुमार, विशाल कुमार और मनीष कुमार ने मिलकर गुलाब कुमार को पकड़ लिया, जिसके बाद करण कुमार ने चाकू से उस पर कई वार किए। हमले के बाद अफरा-तफरी मच गई और आरोपी मौके से फरार हो गए थे।
इस पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई न सिर्फ तेज रही, बल्कि बेहद सटीक और प्रभावशाली भी रही। विशेष रूप से दारू थाना प्रभारी मो. इकबाल हुसैन की तत्परता, सूझबूझ और नेतृत्व की जमकर सराहना की जा रही है। उन्होंने पूरे ऑपरेशन को खुद मॉनिटर करते हुए टीम का नेतृत्व किया और लगातार दबिश बनाकर आरोपियों को गिरफ्तार करने में अहम भूमिका निभाई। उनकी सक्रियता और कर्तव्यनिष्ठा के कारण ही इस जघन्य कांड का समय रहते खुलासा संभव हो सका।
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विष्णुगढ़ के नेतृत्व में गठित टीम में पुअनि मदन मुंडा, हवलदार मोतीलाल महतो, आरक्षी अजय राजवार एवं चालक सिपाही सकील अंसारी ने भी सराहनीय योगदान दिया।
यह घटना जहां एक ओर समाज को झकझोरती है, वहीं पुलिस की तत्पर कार्रवाई आम लोगों के मन में कानून के प्रति विश्वास को और मजबूत करती है।
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