
विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ मुनिष गोविंद ने हरी झंडी दिखाकर कौशल विकास यात्रा वाहन को किया रवाना
हजारीबाग। आईसेक्ट विश्विविद्यालय की ओर से सोमवार को कौशल विकास यात्रा वाहन को मटवारी स्थित आईसेक्ट विश्विविद्यालय के सिटी ऑफिस से विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ मुनिष गोविंद ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। बता दें कि विद्यार्थियों को नई शिक्षा नीति के प्रति जागरूकता लाने, करियर काउंसलिंग के साथ साथ प्रदेश के युवाओं में रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम के प्रति जागरूक करने उद्देश्य से यह यात्रा निकाली गयी है। बातचीत में कुलसचिव डॉ मुनिष गोविंद ने बताया कि बीते 37 वर्षों से कौशल विकास और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत देश के प्रतिष्ठित सामाजिक उद्यम आईसेक्ट की पहल पर आयोजित कौशल विकास यात्रा वैसे तो देश भर के 25 राज्यों के 300 जिलों में संचालित की जा रही है। वहीं आईसेक्ट विश्विविद्यालय, हजारीबाग से निकाली गई कौशल विकास यात्रा की बात की जाए तो सोमवार को विश्वविद्यालय सिटी ऑफिस से शुरू हो कर हजारीबाग के गुलमोहर इंटर कॉलेज, आईटीआई कॉलेज,सिंदूर सहित विभिन्न संस्थानों से होते हुए मंगलवार को यात्रा रामगढ़ के शिवपूजन प्रसाद कॉलेज पहुंचेगी, उसके बाद एसपीपी इंटरनेशनल स्कूल सहित अन्य संस्थानों का भ्रमण करते हुए बुधवार को डीजीएसएस कॉलेज, बोकारो, बोकारो महिला कॉलेज सहित बोकारो के अन्य संस्थानों का भ्रमण करता हुआ गुरुवार को कौशल विकास यात्रा वाहन चतरा के एसएस प्लस टू हाई स्कूल, प्रतापूर पहुंचेगी। जिसके बाद प्रोजेक्ट प्लस टू हाई स्कूल, बिरहु, सिमरिया आईटीआई कॉलेज, सिमरिया, अपग्रेडेड हाई स्कूल,परसौनी होते हुए शुक्रवार को यात्रा कोडरमा पहुंचेगी। जिसके बाद कौशल विकास यात्रा वाहन साहिबगंज के लिए रवाना होगी और शनिवार को साहिबगंज के प्लस टू हाई स्कूल, कोटल-पोकर, अपग्रेडेड प्लस टू बरहरवा हाई स्कूल, प्लस टू आरके हाई स्कूल बोरियो होता हुआ हजारीबाग पहुंच कर यात्रा समाप्त होगी।
उन्होंने बताया कि करीबन सप्ताह भर के इस यात्रा के दौरान जिन-जिन स्थानों पर कौशल विकास यात्रा वाहन का भ्रमण होगा, वहां विशेषज्ञों द्वारा कौशल विकास के महत्व बताते हुए विद्यार्थियों का करियर मार्गदर्शन भी किया जाएगा। डॉ गोविंद ने कहा कि कौशल के महत्व को भारत सरकार भी रेखांकित कर रही है और डेमोग्राफिक डिविडेंड का लाभ उठाने के लिए लोगों को कौशल विकास के प्रति जागरूक कर रही है। ऐसे में हर विद्यार्थी का ध्येय होना चाहिए कि वे स्वयं के उद्योग जगत की आवश्यकता के अनुरूप खुद को कौशल युक्त बनाएं। कौशल विकास यात्रा को सफल बनाने में एआर विजय कुमार, सन्नी कुमार पाण्डेय समेत अन्य का योगदान महत्वपूर्ण है।
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