सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम और उनके आप्त सचिव संजीव लाल को जमानत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने मामले में सुनवाई करते हुए महत्वपूर्ण गवाहों के बयान चार सप्ताह के भीतर दर्ज करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही न्यायालय ने गवाहों की जांच पूरी होने के बाद अगली सुनवाई की तिथि निर्धारित करने को कहा है। इस मामले की सुनवाई न्यायाधीश एम.एम. सुंदरेश और न्यायाधीश एन. कोटेश्वर सिंह की पीठ में हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फिलहाल जमानत याचिका खारिज कर दी। गौरतलब है कि ग्रामीण विकास विभाग के टेंडर में कथित कमीशनखोरी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में पूर्व मंत्री आलमगीर आलम और उनके आप्त सचिव संजीव लाल को मई 2024 से न्यायिक हिरासत में रखा गया है। मामले की जांच जारी है और अदालत ने इसमें तेजी लाने पर जोर दिया है।
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