
थाना प्रभारी रथु उरावं की तत्परता एवं सूझबूझ से पुलिस को मिली बड़ी सफलता, संभावित आपराधिक घटना टली
हजारीबाग। जिले में अपराध और आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए हजारीबाग पुलिस की मुस्तैदी एक बार फिर रंग लाई है। उरीमारी क्षेत्र में किसी अप्रिय घटना को अंजाम देने की फिराक में आ रहे राहुल दुबे गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार जिंदा गोलियों के साथ गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की इस कार्रवाई से संभावित आपराधिक वारदात को समय रहते विफल करने में बड़ी सफलता मिली है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 3 नवंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक, हजारीबाग को गुप्त सूचना मिली थी कि राहुल दुबे गिरोह का एक सक्रिय सदस्य मोटरसाइकिल से गिद्दी-तेहरा टांड़ होते हुए उरीमारी की ओर आ रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अमित आनंद के नेतृत्व में विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। टीम ने गरसुल्ला, उरीमारी-गिद्दी मार्ग तथा उरीमारी बॉर्डर के आसपास डायर पुलिया के समीप रणनीतिक तरीके से मोर्चा संभाल लिया।
इसी दौरान पुलिस टीम ने तेजी और सतर्कता दिखाते हुए एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम निर्मल पंडित उर्फ सुमित, उम्र 25 वर्ष, पिता कैलाश पंडित, निवासी गोलपार, रामगढ़ कैंट बताया। रात के समय उरीमारी आने का संतोषजनक कारण नहीं बता पाने पर पुलिस ने उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके पास से चार जिंदा 7.62 एमएम गोलियां और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। मोबाइल की जांच में प्राइवेसी सेटिंग के अंदर पिस्टल के साथ पोज देते हुए कई तस्वीरें भी मिलीं, जिन्हें पुलिस ने विधिवत ई-साक्ष्य के रूप में सुरक्षित किया।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ के दौरान स्वयं को राहुल दुबे गिरोह का सदस्य स्वीकार किया तथा उरीमारी में किसी घटना को अंजाम देने के उद्देश्य से आने की बात बताई। इसके बाद पुलिस ने बरामद सामान जब्त करते हुए उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में बड़कागांव (उरीमारी) थाना कांड संख्या 196/26, दिनांक 03 नवंबर 2026 के तहत बीएनएस एवं आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
इस पूरी कार्रवाई में उरीमारी ओपी प्रभारी रथु उरांव की सक्रियता, नेतृत्व क्षमता और मौके पर दिखाई गई सूझबूझ सराहनीय रही। वहीं पुलिस अवर निरीक्षक संजय खलखो ने भी छापेमारी अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए पुलिस टीम के साथ पूरी तत्परता से कार्रवाई को अंजाम दिया। दोनों पुलिस पदाधिकारियों की सजगता और अपराध नियंत्रण के प्रति प्रतिबद्धता ने इस अभियान को सफल बनाने में अहम योगदान दिया।
हजारीबाग पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि जिले में शांति व्यवस्था भंग करने और आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने की मंशा रखने वालों के खिलाफ पुलिस पूरी मुस्तैदी से कार्रवाई कर रही है। उरीमारी पुलिस की यह सफलता अपराधियों के लिए कड़ा संदेश है कि कानून से बचना आसान नहीं है।
बरामदगी: चार जिंदा 7.62 एमएम गोलियां, एक मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल।
छापेमारी दल: एसडीपीओ अमित आनंद, पुलिस निरीक्षक मो. शाहिद रजा, उरीमारी ओपी प्रभारी रथु उरांव, पुलिस अवर निरीक्षक संजय खलखो, संजय यादव, विनोद राम एवं उरीमारी ओपी रिजर्व गार्ड शामिल थे।





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