रिपोर्ट -सुमित कुमार पाठक पतरातु
सात जन्मों तक साथ निभाने की कसमें अक्सर जिंदगी के खुशनुमा पलों में खाई जाती हैं, लेकिन पतरातु के मेंन रोड से सामने आई एक घटना ने इस रिश्ते की गहराई को एक बार फिर भावुक कर दिया है. शुक्रवार की शाम जब 77 वर्षीय चंद्रकांत कुमार लाल बाबू ने अंतिम सांस ली, तो परिवार ने एक बुजुर्ग सदस्य को खोने का दुख झेला. लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि महज बारह घंटे बाद उनकी 65 वर्षीय पत्नी कमला देवी भी इस दुनिया से विदा हो जाएंगी.
पति की मौत के बाद पत्नी की चुप्पी और फिर कुछ ही घंटों में उनका निधन पूरे पतरातु को गमगीन कर गया. शनिवार को दोनों का एक साथ एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया. एक ही दिन में जीवनसाथी को खोने और फिर खुद दुनिया से विदा हो जाने की इस घटना ने क्षेत्र में हर किसी को भावुक कर दिया है.
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