
हजारीबाग। पदमा ओपी क्षेत्र से चोरी हुए हाइवा की बरामदगी में हजारीबाग पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फर्जी नंबर प्लेट लगाकर बिहार की ओर ले जाए जा रहे चोरी के हाइवा को गया जिले के आमस टोल प्लाजा के पास से बरामद कर लिया। मामले में प्राथमिक अभियुक्त रंजीत कुमार उर्फ रामजीत कुमार को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस को 24 अगस्त 2026 की सुबह करीब 6:30 बजे सूचना मिली कि पदमा ओपी कांड संख्या 116/2026 में चोरी किया गया हाइवा फर्जी नंबर प्लेट लगाकर चौपारण थाना क्षेत्र से होते हुए बिहार की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही वरीय अधिकारियों के निर्देश पर पदमा ओपी प्रभारी पुअनि श्रवण कुमार के नेतृत्व में छापामारी दल का गठन किया गया। टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए जीटी रोड के रास्ते चौपारण पहुंचकर हाइवा की तलाश शुरू की।
हाइवा को बिहार की ओर जाते देख टीम ने गया जिले के जीटी रोड स्थित आमस थाना को सूचना देकर सहयोग मांगा। आमस थाना पुलिस ने आमस टोल प्लाजा पर चेकिंग शुरू की, जहां पुलिस को देखते ही एक हाइवा का चालक वाहन को कुछ दूर पहले खड़ा कर फरार हो गया। कुछ ही देर बाद पदमा पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और हाइवा की जांच की।
जांच में बड़ा खुलासा हुआ। हाइवा पर JH10CJ-5636 नंबर लगा था, जबकि जांच के दौरान पता चला कि यह नंबर हाइवा का नहीं बल्कि किसी कार का है। इसके बाद इंजन एवं चेसिस नंबर का सत्यापन किया गया तो वाहन का वास्तविक रजिस्ट्रेशन नंबर JH16F-7071 पाया गया। इस तरह पुलिस ने फर्जी नंबर प्लेट के जरिए चोरी के वाहन को दूसरे राज्य ले जाने की कोशिश को नाकाम कर दिया।
बरामद हाइवा को जब्त कर पुलिस ने प्राथमिकी अभियुक्त रंजीत कुमार उर्फ रामजीत कुमार (करीब 27 वर्ष), पिता बैजनाथ प्रसाद/बैजनाथ प्रसाद महतो, ग्राम बलिगांव, थाना रफीगंज, जिला औरंगाबाद, बिहार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ रफीगंज थाना कांड संख्या 240/2019 एवं 206/2020 तथा सासाराम (मुुफ्फसिल) थाना कांड संख्या 157/2022 दर्ज है।
इस पूरी कार्रवाई में पदमा ओपी प्रभारी पुअनि श्रवण कुमार के नेतृत्व में पुअनि राजेश कुमार हजारा, पुअनि संदीप कुमार, पुअनि आलोक कुमार सोरेन तथा पदमा ओपी रिजर्व गार्ड की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की इस त्वरित और समन्वित कार्रवाई ने न सिर्फ चोरी के हाइवा को बरामद किया, बल्कि फर्जी नंबर प्लेट के सहारे वाहन को दूसरे राज्य ले जाने की साजिश को भी बेनकाब कर दिया।
Leave a comment