[स्थान]। CAA-NRC विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले में 195 आरोपितों ने सुप्रीम कोर्ट की लोक अदालत के प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। प्रस्ताव के तहत सार्वजनिक संपत्ति को हुए करीब 11 लाख रुपये के नुकसान की भरपाई किए जाने की बात थी।
जानकारी के अनुसार, मामले में आरोपित लोगों को विवाद के निपटारे के लिए लोक अदालत की प्रक्रिया का विकल्प दिया गया था। इसके तहत नुकसान की भरपाई से जुड़े प्रस्ताव पर सहमति बनाने की कोशिश की गई, लेकिन आरोपितों की ओर से इसे स्वीकार नहीं किया गया।
आरोपितों का पक्ष है कि वे प्रस्तावित आर्थिक भरपाई की शर्त से सहमत नहीं हैं। मामले में संबंधित पक्षों के बीच सहमति नहीं बन पाने के कारण लोक अदालत के जरिए विवाद का समाधान नहीं हो सका।
मामले में सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान का आकलन करीब 11 लाख रुपये बताया गया है। अब भरपाई और मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया को लेकर स्थिति अदालत के समक्ष आगे बढ़ेगी।
कानूनी जानकारों के अनुसार, लोक अदालत के जरिए समझौता तभी संभव होता है जब संबंधित पक्ष प्रस्तावित शर्तों पर सहमत हों। सहमति नहीं बनने की स्थिति में मामला सामान्य न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ सकता है।
CAA-NRC को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में हुए विरोध प्रदर्शनों से जुड़े कई मामले पहले भी अदालतों में पहुंचे हैं। इस मामले में भी अब आगे की सुनवाई और अदालत की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
फिलहाल 195 आरोपितों द्वारा लोक अदालत का प्रस्ताव ठुकराए जाने के बाद मामले का समाधान सामान्य कानूनी प्रक्रिया के जरिए होने की संभावना है।
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