गिरिडीह के मधुबन थाना क्षेत्र स्थित 20 पंथी कोठी में झंडा लगाने के दौरान शुक्रवार को हुए हादसे में घायल मजदूर की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान दिलीप बेसरा के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को दिलीप बेसरा कोठी के मुख्य गेट पर झंडा लगा रहा था, तभी वह करीब 25 फीट ऊंचाई से नीचे गिर पड़ा और गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल धनबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शनिवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
शनिवार देर शाम जब मृतक का शव मधुबन लाया गया, तो परिजनों और ग्रामीणों ने कोठी के मुख्य गेट पर शव रखकर मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा किया। धरना का नेतृत्व बांध मुखिया कौशल्या टुडू और पूर्व मुखिया हेमलता देवी ने किया। हेमलता देवी ने प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि मधुबन जैसे विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण अक्सर हादसे होते रहते हैं।
धरना की सूचना मिलते ही मौके पर सीओ ऋषिकेश मरांडी, सीआई दसरथ हेंब्रम समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे और परिजनों से बातचीत की। बताया गया कि मृतक दिलीप बेसरा कोठी का अस्थायी मजदूर था और महज एक सप्ताह पहले ही काम पर आया था। उसके परिवार में पत्नी सीमा किस्कु और दो छोटे बच्चे हैं।
बातचीत के बाद संस्थान प्रबंधन ने घोषणा की कि मृतक की पत्नी सीमा किस्कु को मुआवजे के रूप में आठ लाख रुपये दो किश्तों में दिए जाएंगे। इसके अलावा, उन्हें 1 अक्टूबर 2025 से स्थायी नौकरी भी प्रदान की जाएगी। प्रबंधन की इस घोषणा के बाद देर रात धरना समाप्त हुआ।
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