लातेहार और पलामू जिलों में फैले प्रसिद्ध बेतला नेशनल पार्क में अब पर्यटक केवल खुले (ओपन) वाहनों से ही जंगल सफारी का आनंद ले सकेंगे। पार्क प्रशासन ने इस संबंध में एक नोटिस जारी करते हुए बंद वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। यह नया नियम आगामी पर्यटन सत्र में लागू होगा, जब मानसून के बाद पार्क एक बार फिर पर्यटकों के लिए खोला जाएगा। जारी आदेश के अनुसार, अब कार, स्कॉर्पियो, एसयूवी, एमयूवी, बीएमडब्ल्यू, हुंडई, थार जैसी बंद गाड़ियों से पर्यटक पार्क के अंदर नहीं जा सकेंगे। इसके बजाय, उन्हें ओपन सफारी वाहन किराए पर लेने होंगे। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में बंद गाड़ी को पार्क में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
स्थानीय लोग वाहन मॉडिफिकेशन में जुटे
इस निर्णय के बाद बेतला पार्क के आसपास के गांवों के वाहन मालिक अपने वाहनों को ओपन सफारी के अनुकूल बनाने (मॉडिफाई करने) में लग गए हैं। इससे उन्हें पर्यटन सीजन में आमदनी का अच्छा मौका मिलेगा। पार्क प्रबंधन का मानना है कि ओपन वाहन से सफारी कराने से वन्यजीवों के दर्शन का अनुभव और बेहतर व सुरक्षित होगा।
ओपन सफारी होगी महंगी हालांकि, नए नियम के तहत पर्यटकों को सफारी के लिए अब पहले की तुलना में अधिक शुल्क चुकाना पड़ेगा। पहले जहां बंद गाड़ी से सफारी करने पर मामूली प्रवेश शुल्क लगता था, वहीं अब ओपन वाहन किराये पर लेने से सफारी खर्च बढ़ जाएगा। इससे सफर थोड़ा महंगा जरूर होगा, लेकिन अनुभव ज्यादा रोमांचक और प्रकृति के करीब होगा।
जल्द होगी अधिकारियों और ग्रामीणों की बैठक
इस फैसले को लेकर पीटीआर (पालामऊ टाइगर रिजर्व) प्रबंधन और स्थानीय समुदायों के बीच आने वाले दो दिनों में एक बैठक प्रस्तावित है। इसमें नए नियमों के लागू करने की प्रक्रिया, किराया दर और पर्यटकों की सुविधा से जुड़ी बातें तय की जाएंगी। फिलहाल, बेतला नेशनल पार्क मानसून सीजन के कारण तीन महीने के लिए बंद है। हर साल बारिश के बाद जब यह पार्क फिर से खुलता है, तो पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ती है और क्षेत्र में पर्यटन की रौनक लौट आती है।
Leave a comment