हजारीबाग जिले के ईचाक प्रखंड क्षेत्र में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली से किसानों को लाभ पहुंचाने की सरकारी पहल पर सवाल उठने लगे हैं। ईचाक प्रखंड के दर्जनों किसानों ने कृषि विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि योजना का लाभ पाने के लिए उन्हें महीनों से कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
किसानों का आरोप है कि प्रखंड स्तर के पदाधिकारी एवं कर्मचारी रिश्वत की मांग करते हैं और पैसे नहीं देने पर आवेदन लंबित कर दिया जाता है। इसको लेकर किसानों ने हजारीबाग उपायुक्त को एक सामूहिक शिकायत आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। किसान अजय कुमार मेहता, कृष्णा कुमार मेहता और दिलीप कुमार ने कहा कि योजना का लाभ मिलना तो दूर, भ्रष्टाचार और लापरवाही ने उन्हें हताश कर दिया है।
वहीं इस मामले पर प्रखंड कृषि पदाधिकारी विनोद कुमार रवि ने किसानों के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि योजना का लाभ केवल योग्य लाभुकों को ही दिया जाता है और इसके लिए जरूरी है कि किसान स्वयं आकर आवेदन और कागजात कार्यालय में जमा करें।
उन्होंने यह भी साफ किया कि स्थल निरीक्षण के बाद ही किसी किसान को योजना से जोड़ा जाता है। किसानों और प्रशासन के बीच इस तकरार से सवाल उठ रहा है कि योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर पर कितने किसानों तक सही तरीके से पहुंच पा रहा है।
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