
पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के खिलाफ राज्य स्तर तक पहुंची शिकायत
भविष्य में किसी भी सरकारी कार्यक्रम में नहीं मिलेगी प्रशासनिक सहायता
हजारीबाग।
पूर्व मंत्री श्री योगेंद्र साव द्वारा एक प्रशासनिक अधिकारी के साथ की गई कथित बदसलूकी की घटना को लेकर झारखंड प्रशासनिक सेवा संघ (झासा) के सदस्यों में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है। संघ ने इस पूरे मामले को अत्यंत गंभीर बताते हुए राज्य स्तर पर माननीय मुख्यमंत्री के संज्ञान में भी लाया है।
झासा के सदस्यों ने कहा कि किसी भी प्रशासनिक अधिकारी के साथ इस प्रकार का दुर्व्यवहार न केवल निंदनीय है, बल्कि यह प्रशासनिक मर्यादा, संवैधानिक गरिमा एवं लोकतांत्रिक मूल्यों के भी विरुद्ध है। संघ ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया कि प्रशासनिक अधिकारियों के सम्मान और गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस घटना के विरोध में झारखंड प्रशासनिक सेवा संघ ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि भविष्य में माननीय पूर्व मंत्री श्री योगेंद्र साव के किसी भी सरकारी कार्यक्रम में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक सहायता प्रदान नहीं की जाएगी।
संघ ने राज्य सरकार से मांग की है कि इस पूरे मामले में गंभीरता से संज्ञान लेते हुए उचित एवं कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और प्रशासनिक व्यवस्था की गरिमा अक्षुण्ण बनी रहे।
झासा ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासनिक सेवा लोकतंत्र की रीढ़ है और उसकी गरिमा व सम्मान की रक्षा के लिए संघ हर स्तर पर मजबूती से खड़ा रहेगा।
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