
रिपोर्ट – सुमित कुमार पाठक पतरातु
सरकार, प्रशासन विफल, झारखंड मुश्किल दौर में, युवाओं को संघर्ष का रास्ता अपनाना होगा
झारखंड की वर्तमान सरकार हर मोर्चे पर फेल हो गयी है। सरकार की हर योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जा रही है। इस सरकार ने युवाओं के साथ वादख़िलाफ़ी की है। किसी भी विषय पर सरकार सम्पूर्ण समाधान का रास्ता नहीं निकाल सकी है। नौकरी और नियोजन पर सरकार पूर्णतः फेल है। लाखों रिक्त पदों पर पारदर्शी नियुक्ति का रोड मैप सरकार के पास नहीं है।

पलायन, रोजगार, नियोजन, कानून व्यवस्था हर पहलू पर सरकार विफल हो गयी है। सरकार अपना एक भी वादा पूर्ण नहीं कर सकी है। युवाओं के सपनों को सरकार ने मारा है। विस्थापन और पुनर्वास जैसे विषयों पर भी सरकार गंभीर नहीं दिखती है। छात्रों को छात्रवृति का पैसा भी सरकार नहीं दे सकी है।

अंचल कार्यालय से लेकर पुलिस थाने तक प्रशासनिक कार्य का स्तर निम्न हुआ है। अनैतिक और अवैध कार्य सरकारी महकमे की पहचान बन गई है। झारखंड के नौकरशाही का स्तर बहुत निम्न स्तर पर पहुँच चुका है।

आजसू इस लड़ाई को खेत- खलिहान से सरकारी मुख्यालयों तक लेकर जाएगा। हर मुद्दे पर जोरदार संघर्ष पार्टी करेगी।
उक्त बातें सुदेश महतो ने बुढमू के तिरु फॉल में आयोजित पार्टी के कांके विधानसभा स्तरीय सम्मेलन में कही। वे आजसू पार्टी के मिलन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनमुद्दों पर संघर्ष को तेज करने का आह्वान किया।
हर बूथ में तैयार होंगे वैचारिक कार्यकर्ता: देवशरण भगत
पार्टी के मुख्य प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत ने कहा की पार्टी ने बूथ स्तर पर वैचारिक कार्यकर्ताओं की फौज को तैयार करने की तैयारी पूरी कर ली है। पार्टी सभी 81 विधानसभा में बूथ स्तर पर कार्यकर्ता को तैयार कर रही है। पार्टी द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जाएगा।
पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष हसन अंसारी ने कहा की झारखंड बनाने का दर्द आजसू जानती है। आजसू ही झारखंड को संवारेगी। हम झारखंड को मजबूत विपक्ष के रूप में अपना नेतृत्व देंगे।
युवाओं के सपनों को सरकार ने कुचला: संजय मेहता
हजारीबाग लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी एवं आजसू पार्टी के महासचिव संजय मेहता ने कहा की हेमंत सरकार में विजन और रोडमैप का अभाव है। हर जिले में भ्रष्टाचार चरम पर है। युवा शक्ति को एकजुट होकर झारखंड में बदलाव के लिए एक बड़ी लड़ाई की तैयारी करनी होगी। सरकारी संरक्षण में कोयला और बालू की तस्करी हो रही है। विस्थापितों को हक नहीं मिल रहा। युवाओं को 10 लाख नौकरी कही नजर नहीं आ रही।
उन्होंने कहा कि सरकार, प्रशासन और माफिया की मिलीभगत से विस्थापितों का दमन किया जा रहा। आजसू अंतिम दम तक उनकी लड़ाई लड़ेगी। हम लगातार इनके विषयों को पार्टी स्तर पर लोकसभा और विधानसभा में रख रहे हैं।
दो वर्षों से आदिवासी, दलित एवं पिछड़े वर्ग के छात्रों को छात्रवृत्ति का भुगतान नहीं किया जा रहा है और सरकार को कोई चिंता नहीं। गरीब किसान मजदूर परिवार से आने वाले छात्र पार्ट टाइम जॉब कर खर्चा निकाल रहे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार का मइयां योजना की राशि जुटने में पसीना छूट रहा है। राज्य सरकार का खजाना खाली है और वित्तीय संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
विस्थापन की समस्या से बड़ी आबादी परेशान है। इनके नियोजन और पुनर्वास के मसले का समाधान नहीं हो पा रहा है। जमीन के रैयत अपनी जमीन के मुआवजे के लिए परेशान हैं। जमीन के रैयतों पर फर्जी केस किए जा रहे हैं। जमीन के रैयतों की मांगों को नहीं सुना जा रहा है।
सरकार ने कहा था की आउटसोर्सिंग एवं निजी क्षेत्र में 75 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा लेकिन सरकार यह भी नहीं दे सकी। ओबीसी को 27 प्रतिशत का आरक्षण नहीं मिल पाया। ऐसे में यह सरकार हर मोर्चे पर फेल नजर आती है।
उन्होंने कहा कि झारखंड को बचाने की लड़ाई सबको मिलकर लड़नी होगी। झारखंड आज एक ऐसे रास्ते पर खड़ा है जहां से एक नए शुरुआत की जरूरत है। हमारी माटी के साथ छल इतना अधिक कर दिया गया है कि अब पूरा झारखंड परेशान हो चुका है। आजसू का आंदोलन अब नहीं रुकेगा। उन्होंने कहा कि झारखंड में एक बड़े बदलाव को लेकर हम सभी संकल्पित हैं। झारखंड के युवा जाग चुके हैं। अब यहाँ परिवर्तन होकर रहेगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सत्यनारायण मुंडा ने की। जिला परिषद अध्यक्ष, निर्मला भगत, मौके पर जिला परिषद सदस्य सह राँची जिला अध्यक्ष संजय महतो, मोजिबुल रहमान, पूर्व जिला उपाध्यक्ष पार्वती देवी, डॉ अमित साहू, नागेश्वर महतो, बीरेन्द्र तिवारी, एत्वा उरांव, शैलेन्द्र महतो, हाकीम अंसारी, रामजीत गंझू, पूर्व प्रमुख रामेश्वर पाहन , पूर्व उप प्रमुख जगजीवन, पूर्व प्रमुख सुमन पाहन, पूर्व जिप सदस्य सुमन मुंडरी, सुरज मिश्रा, शत्रुघन जी, रहमान जी, रूपा श्री , डॉ. बीणा, सुमन मुंडा, संगीता देवी और अनेक स्थानीय कार्यकर्ता नेता उपस्थित थे।
कार्यक्रम का समापन जय आजसू और झारखंड हित के नारों के बीच उत्साही माहौल में हुआ।
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