जमशेदपुर में कोल्हान के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) सीटों की संख्या बढ़ाने की दिशा में कवायद तेज कर दी गई है। कॉलेज प्रबंधन ने विभिन्न विभागों में 38 नई पीजी सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार कर उसे नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) के मानकों के अनुरूप आवश्यक तैयारियां पूरी करते हुए रिपोर्ट भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है, तो अगले शैक्षणिक सत्र से पीजी सीटों की संख्या 51 से बढ़कर लगभग 89 हो सकती है। वर्तमान में कॉलेज के सभी विभागों को मिलाकर कुल 51 सीटें ही उपलब्ध हैं।
कॉलेज प्रबंधन की ओर से सीट बढ़ाने के लिए पहले ही आवेदन किया जा चुका है। प्रक्रिया के तहत 14 मार्च को यूनिवर्सिटी से संबंधित अधिकारियों की टीम कॉलेज का निरीक्षण करने पहुंचेगी। निरीक्षण के दौरान यदि सभी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप पाई गईं, तो अगले सत्र से सीटों में बढ़ोतरी का रास्ता साफ हो जायेगा। बता दें कि प्रस्ताव के तहत कॉलेज के कई विभागों में सीटें बढ़ाने की योजना है। फिलहाल एमजीएम मेडिकल कॉलेज में फिजियोलॉजी में तीन, पैथोलॉजी में आठ, फार्माकोलॉजी में चार, ईएनटी में दो, चर्म रोग विभाग में दो, नेत्र रोग विभाग में दो, गायनिक में नौ, एनेस्थीसिया में सात और मेडिसिन विभाग में एक सीट उपलब्ध है।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय कुमार के अनुसार, पीजी सीटों में बढ़ोतरी होने से न केवल मेडिकल शिक्षा को मजबूती मिलेगी, बल्कि एमजीएम अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या भी बढ़ेगी, जिससे मरीजों को बेहतर और त्वरित इलाज भी मिल सकेगा। वर्तमान में कई विभागों में विशेषज्ञों की कमी के कारण मरीजों को इलाज के लिए अन्य शहरों या निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है। वहीं, पीजी छात्रों की संख्या बढ़ने से अस्पताल में रिसर्च और मेडिकल शिक्षा का स्तर भी मजबूत होगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि पीजी सीटों में बढ़ोतरी से राज्य के मेडिकल छात्रों को भी बड़ा फायदा होगा, क्योंकि उन्हें उच्च शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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